बिजनेस रेमेडीज/नई दिल्ली। भारतीय बायोगैस एसोसिएशन (आईबीए) ने कहा कि आम बजट 2025 में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) वित्तपोषण में प्रस्तावित वृद्धि बायोगैस उद्योग को बढ़ावा देने के लिए एक सही कदम है। आईबीए ने बयान में कहा कि विनिर्माण, हरित ऊर्जा और डिजिटल परिवर्तन पर जोर देने के साथ यह बजट आत्मनिर्भर और विकसित भारत के लिए मंच तैयार करता है। बयान में कहा गया है कि उभरते बायोगैस/सीबीजी (संपीड़ित बायोगैस) उद्योग के दृष्टिकोण से एमएसएमई ऋण गारंटी योजना में घोषित वृद्धि से बायोगैस उद्योग को काफी फायदा होगा। बयान में कहा कि ऋण गारंटी कवर को पांच-दस करोड़ रुपये से बढ़ाकर, यह योजना जमानत-मुक्तऋणों तक आसान पहुंच सुनिश्चित करती है, जिससे सीबीजी डेवलपर के लिए लोन प्राप्त करने की प्रक्रिया आसान होती है। इसके अलावा, संशोधित एमएसएमई वर्गीकरण मानदंड पहले की व्यवस्था की तुलना में लगभग दो से 2.5 गुना अधिक निवेश और कारोबार सीमा की अनुमति देता है।

