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IDFC First Bank का वित्त वर्ष 26 की दूसरी तिमाही का कर-पश्चात लाभ 352 करोड़ रुपए; पिछले वर्ष की तुलना में 76 प्रतिशत अधिक

by Business Remedies
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बिजऩेस रेमेडीज/नई दिल्ली IDFC First Bank ने 30 सितंबर, 2025 को समाप्त हुई तिमाही और अर्धवार्षिक अवधि के लिए बगैर ऑडिट किए हुए वित्तीय परिणाम जारी किए हैं।
बैंक के ऋण और अग्रिमों में सालाना 94 प्रतिशत वृद्धि आवास ऋण, वाहन ऋण, उपभोक्ता ऋण, बिजऩेस Banking, MSME ऋण और थोक ऋण में हुई वृद्धि के कारण रही। 30 सितम्बर, 2025 तक माइक्रोफाइनेंस पोर्टफोलियो में सालाना 41.6 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। 30 सितम्बर, 2024 को जहाँ एमएफआई पोर्टफोलियो बैंक की कुल वित्तपोषित परिसंपत्तियों का 5.6 प्रतिशत था, वहीं यह घटकर 2.7 प्रतिशत रह गया। वित्त वर्ष 26 की दूसरी तिमाही में बैंक द्वारा जारी Credit Cards की संख्या 40 लाख तक पहुँच गई। प्राइवेट वेल्थ मैनेजमेंट का एयूएम सालाना 28 प्रतिशत बढक़र 54,693 करोड़ रुपए पर पहुँच गया।
बैंक के परिसंपत्ति गुणवत्ता संकेतक, जिसमें सकल एनपीए, शुद्ध NPA, SMA और प्रावधान शामिल हैं, स्थिर बने हुए हैं। MFI व्यवसाय की परिसंपत्ति गुणवत्ता में और सुधार हुआ है। तिमाही के दौरान प्रावधानों में तिमाही-दर-तिमाही 12.5 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई, जो 1,659 करोड़ रुपए से घटकर 1,452 करोड़ रुपए रह गई। माइक्रोफाइनेंस पोर्टफोलियो में कम प्रावधान होना इसका मुख्य कारण रहा।
Micro Finance में दबाव कम होने के कारण बैंक ने वित्त वर्ष 26 की दूसरी तिमाही में 75 करोड़ रुपए के माइक्रोफाइनेंस प्रावधान बफर का उपयोग किया, जबकि 240 करोड़ रुपए का आकस्मिक प्रावधान अभी भी बरकरार रखा गया है। 7,500 करोड़ रुपए की सीसीपीएस पूँजी को इक्विटी में परिवर्तित किए जाने के बाद, 30 सितम्बर, 2025 तक के वित्तीय आँकड़ों के आधार पर पूँजी पर्याप्तता अनुपात 16.82 प्रतिशत और टियर-ढ्ढ अनुपात 14.75 प्रतिशत होगा।
परिणामों पर टिप्पणी करते हुए, वी. वैद्यनाथन, प्रबंध निदेशक और CEO, IDFC First Bank , ने कहा कि एमएफआई व्यवसाय में जो दबाव था, वह पूरी तरह से एमएफआई उद्योग की समस्या थी और अब यह धीरे-धीरे कम होता दिख रहा है। एमएफआई को छोडक़र, आईडीएफसी बैंक की परिसंपत्ति गुणवत्ता दशकों से स्थिर रही है और 30 सितंबर, 2025 को सकल एनपीए 1.86 प्रतिशत और शुद्ध एनपीए 0.52 प्रतिशत के साथ यह स्थिर बनी हुई है। जहाँ तक फंड की लागत का सवाल है, हमें उम्मीद है कि यह अब धीरे-धीरे घटने लगेगी। बैंक को संचालन में बेहतर लाभप्रदता दिखाई दे रही है। उदाहरण के लिए, वित्त वर्ष 25 में कुल व्यवसाय यानि ऋण और ग्राहक जमा 22.7 प्रतिशत सालाना बढ़त दर्ज की गई, जबकि परिचालन व्यय में 16.5 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई। इसी क्रम में, वित्त वर्ष 26 की पहली छमाही में कुल व्यवसाय 21.6 प्रतिशत बढ़ा, जबकि परिचालन व्यय में 11.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई। हम उम्मीद करते हैं कि यह रुझान भविष्य में भी जारी रहेगा।



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