बिजऩेस रेमेडीज/नई दिल्ली भारत की जानीमानी निजी क्षेत्र की सामान्य बीमा कंपनी HDFC ERGO ने इंश्योरेंस क्विज़ जूनियर 2025 के 10वें संस्करण का भव्य फिनाले आयोजित किया। यह आयोजन कंपनी की देशभर में पहुँच के एक अहम मुकाम को दिखाता है। इस आयोजन में देशभर से कुछ सबसे प्रतिभाशाली नन्हें दिमाग एक साथ आए। जिसमें करीब 3,600 स्कूलों और लगभग 560 शहरों से छात्रों ने हिस्सा लिया। फिनाले में अलग-अलग पृष्ठभूमियों और क्षेत्रों से आए छात्रों के ज्ञान और सीखने की भावना का जश्न मनाया गया।
HDFC ERGO General Insurance के MD और CEO अनुज त्यागी ने कहा कि, ‘पिछले 10 वर्षों में, इंश्योरेंस क्विज़ जूनियर सिर्फ़ एक प्रतियोगिता नहीं रही, बल्कि यह एक बीमा जागरूकता अभियान बन गई है, इसने बदलाव लाने का अहम काम किया है। करीब 3,600 स्कूलों और लगभग 560 शहरों से भागीदारी, साथ ही सरकारी स्कूलों और स्थानीय भाषा वाले शैक्षणिक संस्थानों की गहरी भागीदारी से हम भारत के कोने-कोने तक अपनी पहुँच बना रहे हैं। यह क्विज़ 5 भाषाओं अंग्रेज़ी, हिंदी, मराठी, तमिल और बांग्ला में आयोजित किया गया, जिससे हम दूरी मिटा रहे हैं और वित्तीय साक्षरता को सच में सबके लिए समावेशी बना रहे हैं। जैसे कि भारत आईआरडीएआई के ‘2047 तक सबके लिए बीमा’ के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है, हमें गर्व है कि हम इस दौरान ऐसी पीढ़ी को तैयार कर रहे हैं जो बीमा के प्रति जागरूक होने के साथ-साथ वित्तीय रूप से सुरक्षित जीवन जीने में सक्षम भी हो। ये युवा दिमाग पूरे देश में यह संदेश पहुंचने वाले बेहतरीन माध्यम हैं।’
कड़ी दिमाग़ी मुकाबले के बाद, हृषांत सिंहऔर सूर्यांश मिश्रा ने सनबीम लहरतारा, वाराणसी से विजेता बनकर चैंपियन का खिताब अपने नाम किया। उनके बाद न्यू एरा सीनियर सेकेंडरी स्कूल ने पहला रनर-अप स्थान और कैम्ब्रिज कोर्ट हाई स्कूल ने दूसरा रनर-अप स्थान हासिल किया। इस साल का थीम ‘डिकेड ऑफ इम्पैक्ट’ ने इंश्योरेंस क्विज़ जूनियर के शानदार सफर को दिखाया। जो सफर वर्ष 2016 में मुंबई के सिर्फ 18 स्कूलों से शुरू हुआ था, वह अब एक राष्ट्रव्यापी अभियान बन चुका है, जिसने शुरुआत से अब तक करीब 25 लाख से ज़्यादा छात्रों पर असर डाला है। ग्रैंड फिनाले का समापन बेहद शानदार अंदाज़ में हुआ जिसमें विजेताओं को 2,25,000 का नगद पुरस्कार मिला, वहीं पहले रनर-अप ने 1,50,000 जीते और दूसरे रनर-अप को 75,000 का पुरस्कार दिया गया। क्विज़ की शुरुआत 3,600 टीमों की शानदार भागीदारी के साथ हुई, जिसमें हर टीम में एक ही स्कूल से दो छात्र थे। यह मुकाबला प्रारंभिक राउंड से शुरू होकर क्लस्टर और ज़ोनल स्टेज तक बढ़ा। अंत में, छह टीमों ने ग्रैंड फिनाले में अपनी जगह बनाई। इन फाइनलिस्ट टीमों में चार ज़ोनल विजेता और दो टीमें जो एलिमिनेटर राउंड से क्वालीफाई हुईं शामिल थीं। फाइनलिस्ट टीमें जिनमें सनबीम लहरतारा, वाराणसी; बीजेईएम स्कूल, भुवनेश्वर; आर्मी पब्लिक स्कूल गोलकोंडा, हैदराबाद; कैम्ब्रिज कोर्ट हाई स्कूल, जयपुर; न्यू एरा सीनियर सेकेंडरी स्कूल, वड़ोदरा और लिटिल एंजेल्स मैट्रिकुलेशन स्कूल, नामक्कल शामिल थे।

