Wednesday, July 15, 2026 |
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कर्मचारियों के ग्रुप बीमा पर जीएसटी हटाएगी सरकार!

मध्यम वर्ग और वरिष्ठ नागरिकों के लिए राहत

by Business Remedies
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जीएसटी खत्म होने पर कंपनियों की परिचालन लागत बढ़ेगी

बिजनेस रेमेडीज/जयपुर। भारत में जीवन और स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर वर्तमान में 18 प्रतिशत वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू है। हाल के घटनाक्रमों से संकेत मिल रहे हैं कि सरकार ग्रप कर्मचारी बीमा पर इस कर दर को कम करने या पूरी तरह हटाने पर विचार कर रही है। यह कदम बीमा क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है। खासकर मध्यम वर्ग और वरिष्ठ नागरिकों के लिए। बीमा उद्योग और नीति धारकों को इस संभावित राहत का बेसब्री से इंतजार है, जो बीमा की पहुंच और सामथ्र्य को बढ़ा सकता है।

बदलाव और प्रभाव
जीएसटी परिषद की आगामी बैठक में ग्रुप बीमा, विशेष रूप से कर्मचारियों के लिए कॉर्पोरेट ग्रप हेल्थ इंश्योरेंस, पर 18 प्रतिशत जीएसटी को कम करने या हटाने पर चर्चा होने की संभावना है। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि जीएसटी को 5 से 12 प्रतिशत तक कम करने या कुछ मामलों में पूरी तरह हटाने से प्रीमियम लागत में कमी आएगी। उदाहरण के लिए, 1,00,000 रुपए के वार्षिक प्रीमियम पर 18,000 रुपए का जीएसटी लगता है। यदि जीएसटी हटाया जाता है, तो यह राशि सीधे नीति धारकों को बचत के रूप में मिल सकती है।

जीएसटी में कमी नीति धारकों के लिए फायदेमंद
हालांकि जीएसटी में कमी नीति धारकों के लिए फायदेमंद होगी। हालांकि बीमा कंपनियों ने इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के नुकसान को लेकर चिंता जताई है। जीएसटी के तहत, कंपनियां अपने खर्चों पर भुगतान किए गए जीएसटी को ऑफसेट कर सकती हैं। यदि जीएसटी पूरी तरह हटा दिया जाता है, तो जीएसटी का लाभ समाप्त हो सकता है, जिससे कंपनियों की परिचालन लागत बढ़ सकती है। कुछ विशेषज्ञ, 5 प्रतिशत जीएसटी दर को बेहतर मानते हैं, क्योंकि यह उपभोक्ताओं और बीमा कंपनियों दोनों के लिए संतुलन बनाए रखेगा।

सरकार का दृष्टिकोण
सरकार का लक्ष्य बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) के ‘2047 तक सभी के लिए बीमा’ के लक्ष्य को प्राप्त करना है।
जीएसटी में कमी से स्वास्थ्य और जीवन बीमा को अधिक किफायती बनाकर वित्तीय समावेशन और सामाजिक सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा। विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों के लिए 5 लाख रुपये तक की बीमा पॉलिसी पर जीएसटी छूट का प्रस्ताव है, जो उनकी स्वास्थ्य देखभाल लागत को कम करेगा। हालांकि, सरकार को इस छूट से लगभग 2,600 करोड़ रुपए के राजस्व नुकसान का अनुमान है। * प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार अच्छे फैसले ले रही है। जीएसटी परिषद की बैठक में व्यापारियों व आम उभोक्ताओं को इसमें अच्छी राहत मिलेगी। कर्मचारियों के ग्रुप बीमा से जीएसटी समाप्त होने की खबरें अच्छी है। अगर सरकार ऐसा करती है तो इसे सरकार का सराहनीय कदम माना जाना चाहिए|

* सुरेश अग्रवाल, अध्यक्ष, फोर्टी*

 

 

सरकार अगर ऐसा करती है तो इसे स्वागत योग्य कदम माना जाना चाहिए। सरकार अगर जीएसटी हटाती है तो इससे लोग मोटिवेट होंगे व उनकी सोशल सुरक्षा ज्यादा बढ़ेगी। बल्कि हम तो यह कहते हैं कि जो पार्टनर हैं, चेयरमैन हैं और जो कंपनियों के मालिक हैं, सरकार को कमा कर दे रहा है, उस पर से भी जीएसटी समाप्त होना चाहिए।
* जगदीश सोमानी, अध्यक्ष, विश्वकर्मा औद्योगिक क्षेत्र, जयपुर



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