Friday, August 14, 2026 |
Home Business and Economyशुरुआती FY27 में वस्तु और सेवा क्षेत्रों की कर योग्य आपूर्ति में तेज बढ़ोतरी, घरेलू मांग बनी मजबूत

शुरुआती FY27 में वस्तु और सेवा क्षेत्रों की कर योग्य आपूर्ति में तेज बढ़ोतरी, घरेलू मांग बनी मजबूत

by Business Remedies
0 comments
India Goods And Services Sector Taxable Supply Growth In FY27

नई दिल्ली : देश में मजबूत घरेलू मांग और आर्थिक गतिविधियों के चलते शुरुआती FY27 में वस्तु और सेवा क्षेत्रों में कर योग्य आपूर्ति में शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सरकारी सूत्रों के अनुसार अप्रैल 2026 में वस्तुओं की कर योग्य आपूर्ति में 27 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि सेवा क्षेत्र में 22.2 प्रतिशत का विस्तार देखने को मिला।

जारी आंकड़ों के मुताबिक वस्तु क्षेत्रों में कर योग्य आपूर्ति सालाना आधार पर 26.9 प्रतिशत बढ़कर ₹.40.10 लाख करोड़ हो गई, जो एक साल पहले ₹.31.61 लाख करोड़ थी। सभी 27 वस्तु समूहों में सकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे यह साफ संकेत मिलता है कि देश में मांग कई क्षेत्रों में मजबूत बनी हुई है। GST रिटर्न के आधार पर मई में जारी अप्रैल के आंकड़ों में कृषि, विनिर्माण, रसायन, धातु, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल और उपभोक्ता वस्तुओं जैसे क्षेत्रों में व्यापक वृद्धि देखने को मिली। सोना और कीमती धातुओं के क्षेत्र में कर योग्य आपूर्ति 46.9 प्रतिशत बढ़ी, जबकि विद्युत मशीनरी और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में 34.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

इसी तरह दूरसंचार उपकरण क्षेत्र में 24.6 प्रतिशत का विस्तार हुआ। यात्री वाहन और बसों की आपूर्ति 21.3 प्रतिशत बढ़ी, जबकि तैयार खाद्य उत्पादों में 27.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। सेवा क्षेत्र में भी मजबूत प्रदर्शन जारी रहा। अप्रैल 2026 में सेवा क्षेत्र की कर योग्य आपूर्ति 22.2 प्रतिशत बढ़कर ₹.11.50 लाख करोड़ हो गई, जो पिछले वर्ष समान अवधि में ₹.9.41 लाख करोड़ थी।

रियल एस्टेट, निर्माण, परिवहन, पेशेवर सेवाएं और आतिथ्य जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सकारात्मक वृद्धि देखने को मिली। रियल एस्टेट सेवाओं में 50 प्रतिशत की तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं परिवहन, डाक और कूरियर सेवाओं में 21.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई। आवास, खाद्य और पेय सेवाओं के क्षेत्र में भी 41.6 प्रतिशत की मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई। इससे यह संकेत मिलता है कि देश में उपभोक्ता खर्च लगातार मजबूत बना हुआ है और आर्थिक गतिविधियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं।

आयात से जुड़े कर संग्रह में भी अच्छा प्रदर्शन देखने को मिला। मई के दौरान आयात पर IGST संग्रह सालाना आधार पर 20 प्रतिशत से अधिक बढ़ा। कोयला इस वृद्धि का बड़ा हिस्सा रहा और कुल अतिरिक्त IGST वृद्धि में इसकी हिस्सेदारी 8 प्रतिशत से ज्यादा रही। इलेक्ट्रॉनिक घटकों का आयात भी तेजी से बढ़ा। प्रोसेसिंग यूनिट्स के आयात में 387 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि मेमोरी चिप्स के आयात में 205 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इससे साफ है कि देश में इलेक्ट्रॉनिक्स और प्रौद्योगिकी क्षेत्र की मांग लगातार मजबूत हो रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि वस्तु और सेवा दोनों क्षेत्रों में व्यापक वृद्धि भारत की मजबूत आर्थिक स्थिति और स्थिर घरेलू मांग का संकेत है। आने वाले महीनों में भी आर्थिक गतिविधियों में इसी तरह मजबूती बने रहने की संभावना जताई जा रही है।



You may also like

Leave a Comment