Monday, June 29, 2026 |
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नया Income Tax कानून लागू, FY27 की शुरुआत के साथ बड़े बदलाव

by Business Remedies
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Income Tax department office with new tax law implementation

New Delhi,

देश में नए वित्तीय वर्ष FY27 की शुरुआत 1 अप्रैल 2026 से एक बड़े बदलाव के साथ होने जा रही है। सरकार ने नया Income Tax कानून लागू करने का फैसला किया है, जिससे लगभग 60 साल पुराने 1961 के कानून की जगह अब आधुनिक और सरल व्यवस्था लागू होगी। इस नए ढांचे के तहत compliance, terminology और taxation से जुड़े कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं।

‘Financial Year’ और ‘Assessment Year’ की जगह एक ‘tax year’

नए कानून के तहत सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब ‘Financial Year (FY)’ और ‘Assessment Year (AY)’ की जगह एक ही ‘tax year’ लागू किया जाएगा। इससे taxpayers के लिए tax return भरने की प्रक्रिया आसान होने की उम्मीद है और confusion कम होगा। सरकार ने Income Tax return दाखिल करने की समय-सीमा में भी बदलाव किया है। salaried लोगों के लिए 31 जुलाई की अंतिम तिथि पहले की तरह ही रहेगी, जबकि self-employed और professionals जैसे non-audit मामलों में अब 31 अगस्त तक return भरा जा सकेगा। Finance Minister निर्मला सीतारमण द्वारा घोषित फैसले के अनुसार derivatives trading अब महंगी हो जाएगी। futures और options पर Securities Transaction Tax (STT) बढ़ा दिया गया है, जिससे निवेशकों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।

HRA नियम सख्त, नए शहर शामिल

House Rent Allowance (HRA) से जुड़े नियमों को और सख्त किया गया है। अब कुछ मामलों में मकान मालिक की जानकारी, जैसे PAN, देना अनिवार्य होगा। साथ ही, उच्च HRA छूट के लिए शहरों की सूची का विस्तार किया गया है, जिसमें बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद जैसे शहर शामिल किए गए हैं। नए प्रावधानों के तहत कर्मचारियों को मिलने वाले कुछ लाभ बढ़ाए गए हैं। meal benefits पर छूट बढ़ाई गई है और tax-free gifts की वार्षिक सीमा भी बढ़ा दी गई है। इसके अलावा, पुराने tax system में बच्चों की शिक्षा और hostel खर्च पर मिलने वाली छूट भी बढ़ाई गई है।

Stock buyback पर नया नियम

अब stock buyback से होने वाली आय को dividend के बजाय capital gains के रूप में टैक्स किया जाएगा। इससे promoters और retail investors दोनों पर असर पड़ेगा। Sovereign Gold Bonds के tax नियमों में भी बदलाव किया गया है। अब केवल उन्हीं bonds पर redemption के समय छूट मिलेगी, जो original issue के दौरान खरीदे गए हों। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि अब dividend और mutual fund से होने वाली आय पर interest खर्च की कटौती की अनुमति नहीं दी जाएगी, भले ही निवेश उधार लेकर किया गया हो।

TDS और property खरीद में आसान प्रक्रिया

अब taxpayers को अलग-अलग आय स्रोतों के लिए TDS से बचने के लिए एक ही declaration देना होगा। साथ ही, non-resident भारतीयों से property खरीदने पर खरीदार अब केवल PAN के जरिए TDS काट सकेंगे, पहले की तरह TAN लेने की जरूरत नहीं होगी। विदेश यात्रा पर Tax Collected at Source (TCS) को घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया गया है। इसके अलावा, विदेश में शिक्षा और चिकित्सा के लिए भेजी जाने वाली राशि पर भी TCS कम किया गया है। अब taxpayers को अपना return संशोधित करने के लिए अधिक समय मिलेगा। इसकी अंतिम तिथि 31 मार्च तय की गई है, हालांकि दिसंबर के बाद संशोधन करने पर अतिरिक्त शुल्क देना होगा। Motor Accident Claims Tribunal द्वारा दिए गए मुआवजे पर मिलने वाला ब्याज अब पूरी तरह टैक्स मुक्त कर दिया गया है, जिससे प्रभावित लोगों को राहत मिलेगी। सरकार ने assessment year 2026-27 के लिए ITR-1 से ITR-7 तक के forms जारी कर दिए हैं। इससे व्यक्ति, pensioners और अन्य taxpayers तय समय-सीमा के भीतर अपना return दाखिल कर सकेंगे। विशेषज्ञों के अनुसार, ITR-1 (Sahaj) form में बड़ा बदलाव किया गया है। अब इसमें एक की बजाय दो मकानों से होने वाली आय को भी शामिल किया जा सकेगा, जिससे कई taxpayers के लिए प्रक्रिया सरल हो जाएगी।



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