नई दिल्ली | बीआर न्यूज नेटवर्क भारत का यात्री वाहन उद्योग वित्त वर्ष 2027 में मजबूत वृद्धि की ओर बढ़ता नजर आ रहा है। रेटिंग एजेंसी आईसीआरए की रिपोर्ट के मुताबिक, उद्योग की वॉल्यूम में वित्त वर्ष 27 के दौरान 4.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी होने का अनुमान है। जीएसटी दरों में कटौती, गर्मियों में लंबे शादियों के सीजन और नए मॉडलों की मजबूत मांग से वाहन बिक्री को सहारा मिला है। हालांकि कमजोर मानसून और पश्चिम एशिया संकट जैसे जोखिम भी बने हुए हैं।
अप्रैल में थोक बिक्री में बड़ा उछाल
आईसीआरए के अनुसार अप्रैल 2026 में यात्री वाहनों की थोक बिक्री सालाना आधार पर 25 प्रतिशत बढक़र 44 लाख यूनिट तक पहुंच गई। वाहन कंपनियों ने घरेलू मांग को पूरा करने के लिए उत्पादन को स्थिर बनाए रखा, जिससे बाजार में आपूर्ति मजबूत रही।
खुदरा बिक्री में 16 प्रतिशत
की मजबूत बढ़त
रिपोर्ट के मुताबिक अप्रैल में खुदरा बिक्री में 16 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर्ज की गई। नए लॉन्च किए गए मॉडलों की मांग, जीएसटी दरों में राहत और शादियों के लंबे सीजन ने ग्राहकों की खरीदारी को बढ़ावा दिया। हालांकि मार्च 2026 की तुलना में बिक्री में कुछ गिरावट देखने को मिली क्योंकि कंपनियों ने वर्षांत में भारी छूट दी थी।
इन्वेंट्री स्तर में बड़ा सुधार
फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (एफएडीए) के आंकड़ों के अनुसार अप्रैल 2025 में इन्वेंट्री स्तर 50 दिन और सितंबर 2025 में 60 दिन था, जो अप्रैल 2026 में घटकर 28-30 दिन रह गया। बेहतर खुदरा बिक्री और मांग में मजबूती के कारण डीलरों के पास स्टॉक का दबाव कम हुआ है।
निर्यात में भी दिखी मजबूती
आईसीआरए के आकलन के अनुसार अप्रैल में यात्री वाहनों के निर्यात में क्रमिक आधार पर 13 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। रिपोर्ट में कहा गया कि यह भारतीय वाहन कंपनियों द्वारा वैश्विक बाजारों में सप्लाई बढ़ाने का संकेत है।
वित्त वर्ष 27 में 4-6 प्रतिशत
ग्रोथ की उम्मीद
आईसीआरए को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2027 में यात्री वाहनों की थोक बिक्री में 4 से 6 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज हो सकती है। हालांकि कमजोर मानसून और वैश्विक अनिश्चितताएं उद्योग के लिए चुनौती बनी रह सकती हैं, लेकिन घरेलू मांग का मजबूत आधार उद्योग को सहारा देता रहेगा।

