नई दिल्ली। बीआर न्यूज नेटवर्क | देश में पेट्रोल की बढ़ती कीमतों और आयात पर निर्भरता को कम करने के लिए सरकार अब बड़ा कदम उठाने जा रही है। केंद्र सरकार ने एक ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया है। इसमें पेट्रोल में ज्यादा मात्रा में एथेनॉल मिलाने के नियमों को शामिल करने का प्रस्ताव रखा गया है। अगर यह लागू होता है तो आने वाले समय में गाडिय़ां पूरी तरह एथेनॉल से भी चलेंगी।
यह है नया प्रस्ताव
सडक़ परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने नया ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया है। ड्राफ्ट नियमों में ई85 फ्यूल को शामिल करने का प्रावधान किया गया है। इसमें पेट्रोल में 85 प्रतिशत तक एथेनॉल मिलाया जाएगा। इसके अलावा ई100 का भी प्रस्ताव है, यानि गाडिय़ां पूरी तरह एथेनॉल पर चल सकेंगी। यह बदलाव भारत के फ्यूल सिस्टम में बड़ा परिवर्तन ला सकता है। अब तक ई20 पेट्रोल को लेकर चर्चा होती रही है। इसके तहत पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल की ब्लेंडिंग की जाती है। सरकार ने इस ड्राफ्ट नोटिफिकेशन को फिलहाल पब्लिक कमेंट के लिए जारी किया है। आम लोग और इंडस्ट्री से जुड़े लोग अपनी राय दे सकते हैं। सभी सुझाव मिलने के बाद सरकार अंतिम फैसला लेगी। गौरतलब है कि पिछले साल अप्रैल में देशभर में ई20 फ्यूल लागू किया गया था। इसमें पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिलाया गया। अब सरकार इससे आगे बढ़ते हुए और ज्यादा ब्लेंडिंग की दिशा में कदम बढ़ा रही है। सरकार का मुख्य उद्देश्य पेट्रोलियम उत्पादों के आयात को कम करना है। ज्यादा एथेनॉल मिलाने से कच्चे तेल की जरूरत घटेगी, जिससे देश को आर्थिक फायदा होगा और पर्यावरण पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।
फ्यूज की नई कैटेगिरी भी तय होगी
ड्राफ्ट में फ्यूल की नई कैटेगिरी तय करने का भी प्रस्ताव है, जैसे पेट्रोल की पहचान अब ई10 से बदलकर ई10/ई20 की जाएगी। साथ ही ई85 और ई100 को भी आधिकारिक रूप से नियमों में शामिल किया जाएगा। इसी तरह बायोडीजल को बी10 से बढ़ाकर बी100 तक अपडेट करने का प्रस्ताव है। अगर ये नियम लागू होते हैं तो आने वाले समय में लोगों को नए तरह के फ्यूल ऑप्शन मिलेंगे। हालांकि इसके लिए गाडिय़ों में भी बदलाव जरूरी होगा, ताकि वे हाई एथेनॉल ब्लेंड पर सही तरीके से चल सकें। यह बदलाव धीरे-धीरे लागू होगा, लेकिन इससे देश के फ्यूल सिस्टम में बड़ा परिवर्तन देखने को मिल सकता है।
केंद्रीय मंत्री गडकरी पहले ही कर चुके हैं अलर्ट
केंद्रीय सडक़ परिवहन राजमार्ग मंत्री Nitin Gadkari ने मंगलवार Delhi में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा था कि आने वाले समय में इन ट्रेडिशनल फ्यूल (पेट्रोल-डीजल) पर चलने वाली गाडिय़ों का कोई भविष्य नहीं है। Gadkari ने वाहन निर्माता कंपनियों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द बायोफ्यूल और अन्य वैकल्पिक फ्यूल की तरफ शिफ्ट करें। उनका कहना है कि पेट्रोल और डीजल न सिर्फ महंगे हैं बल्कि ये देश के लिए गंभीर समस्या भी बनते जा रहे हैं।

