नई दिल्ली,
दुनिया के प्रसिद्ध उद्योगपति एलन मस्क, जो ओपनएआई के सह-संस्थापक रहे हैं, ने कंपनी के वर्तमान मुख्य कार्यकारी अधिकारी सैम ऑल्टमैन और अध्यक्ष ग्रेग ब्रॉकमैन को पद से हटाने की मांग की है। यह मांग उस समय सामने आई है जब मस्क और कंपनी के बीच कानूनी विवाद लगातार गहराता जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मस्क ने अदालत में दायर याचिका में कहा है कि उनका उद्देश्य ओपनएआई के ढांचे में हुए बदलाव को पलटना और इसे फिर से एक गैर-लाभकारी अनुसंधान संस्था के रूप में स्थापित करना है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि इस मामले में कोई हर्जाना दिया जाता है, तो उसे कंपनी के परोपकारी विभाग को दिया जाना चाहिए, ताकि सार्वजनिक हित प्रभावित न हो। मस्क ने ओपनएआई और माइक्रोसॉफ्ट के खिलाफ मुकदमा दायर करते हुए आरोप लगाया है कि कंपनी ने अपनी मूल स्थापना के उद्देश्य से भटकते हुए भारी निवेश प्राप्त करने के बाद लाभ कमाने वाले मॉडल को अपनाया। उन्होंने पहले संकेत दिया था कि वह इस मामले में 134 अरब डॉलर तक के हर्जाने की मांग कर सकते हैं।
वहीं, ओपनएआई ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। कंपनी का कहना है कि यह मुकदमा केवल एक तरह का उत्पीड़न अभियान है, जो व्यक्तिगत अहंकार और प्रतिस्पर्धा की भावना से प्रेरित है। कंपनी के अनुसार, इसका उद्देश्य एक प्रतिस्पर्धी की प्रगति को धीमा करना है। इस घटनाक्रम के बीच मस्क और ओपनएआई के शीर्ष नेतृत्व के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। हाल ही में कंपनी के मुख्य रणनीति अधिकारी जेसन क्वोन ने कैलिफोर्निया और डेलावेयर के अटॉर्नी जनरल से मस्क के खिलाफ कथित प्रतिस्पर्धा विरोधी व्यवहार की जांच करने की अपील की थी। गौरतलब है कि एलन मस्क ने वर्ष 2015 में ओपनएआई की सह-स्थापना की थी, लेकिन वर्ष 2018 में उन्होंने इसके निदेशक मंडल से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद वर्ष 2023 में उन्होंने अपनी नई कृत्रिम बुद्धिमत्ता कंपनी एक्सएआई की शुरुआत की, जो इस क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा को और तेज कर रही है।
इस वर्ष की शुरुआत में ओपनएआई ने मस्क द्वारा दिए गए 97.4 अरब डॉलर के अधिग्रहण प्रस्ताव को भी अस्वीकार कर दिया था। इसके बाद कंपनी ने अपने पुनर्गठन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया, ताकि अधिक पूंजी जुटाई जा सके और भविष्य में सार्वजनिक निर्गम की संभावना बनाई जा सके। दूसरी ओर, वैश्विक स्तर पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा तेजी से बढ़ रही है। एक रिपोर्ट के अनुसार, चीन के कृत्रिम बुद्धिमत्ता मॉडल तेजी से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत कर रहे हैं। वर्ष 2024 के अंत तक जहां इनकी हिस्सेदारी केवल 1 प्रतिशत थी, वहीं वर्ष 2025 के अंत तक यह बढ़कर लगभग 30 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जिससे अमेरिका के नीति निर्माताओं के बीच राष्ट्रीय सुरक्षा, आपूर्ति श्रृंखला और आर्थिक प्रतिस्पर्धा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

