नवाचार को बढ़ावा देने और निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए आज राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस मनाया जाएगा। स्टार्टअप इंडिया का प्रारंभ १६ जनवरी, 2016 में किया गया था। यह एक सरकारी कार्यक्रम है, जिसके अंतर्गत भारत के उद्यमियों और स्टार्टअप्स को सहायता प्रदान की जाती है। इस पहल का लक्ष्य नवाचार और उद्यमशीलता के लिए एक ऐसा सुदृढ़ पारिस्थितिकी तंत्र निर्मित करना है, जो कर लाभ, सरल अनुपालन और वित्तपोषण के अभिगम जैसे उपायों के माध्यम से स्टार्टअप्स की सहायता कर आर्थिक विकास और रोजगार को बढ़ावा दे। यह दिन स्टार्टअप्स को बढ़ावा और उनकी उपलब्धियों को सम्मानित करने के लिए मनाया जाता है। राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस का उद्देश्य स्टार्टअप्स को एक मंच प्रदान करना है, जहां वे अपनी कहानियों को साझा और एक-दूसरे से सीख सकें। इस वर्ष की थीम “भारत को विश्व की स्टार्टअप राजधानी बनाना” है, जो भारत को स्टार्टअप्स के लिए एक प्रमुख केंद्र बनाने के प्रयासों को दिखाती है। सरकार भी निरंतर इस ओर निरंतर प्रयास कर रही है। स्टार्टअप इंडिया के तहत फंड ऑफ फंड्स योजना भी संचालित है, इसके अंतर्गत प्रारंभिक चरण में वित्तपोषण सहायता प्रदान करने के लिए 10,000 करोड़ रुपए का फंड प्रदान किया जाता है। दूसरी सीड फंड स्कीम है, इसके तहत स्टार्टअप्स को संकल्पना के प्रमाण, प्रोटोटाइप विकास और उत्पाद परीक्षण के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। तीसरी ऋण गारंटी योजना है। इसके अलावा चौथी ऋण अभिगम सुनिश्चित करने के लिए स्टार्टअप्स को संपार्शिवक-मुक्त ऋण की सुविधा भी प्रदान की जाती है। पांचवीं स्टार्टअप बौद्धिक संपदा संरक्षण के तहत स्टार्टअप को कम लागत पर पेटेंट फाइलिंग, ट्रेडमार्क पंजीकरण और बौद्धिक संपदा अधिकार संरक्षण में सहायता प्रदान की जाती है। वह दिन दूर नहीं जब भारत भी विश्व के देशों में स्टार्टअप की दुनिया में नंबर वन बन सकेगा।




