मुंबई,
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में शुक्रवार को तेज बढ़त दर्ज की गई। मध्य पूर्व क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण कीमतों में करीब 2 प्रतिशत तक की तेजी देखी गई, जबकि अमेरिका की ओर से एकतरफा युद्धविराम की घोषणा भी की गई थी। वैश्विक स्तर पर प्रमुख मानक ब्रेंट कच्चा तेल करीब 2 प्रतिशत बढ़कर 107 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया। वहीं अमेरिकी डब्ल्यूटीआई कच्चा तेल भी लगभग 2 प्रतिशत चढ़कर 97.6 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
घरेलू वायदा बाजार में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर कच्चा तेल 9,077 रुपये प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार करता दिखा, जो करीब 1 प्रतिशत या लगभग 100 रुपये की गिरावट को दर्शाता है। इस सप्ताह के दौरान ब्रेंट कच्चा तेल पिछले शुक्रवार के बंद स्तर की तुलना में अब तक लगभग 18.83 प्रतिशत तक उछल चुका है। इसी तरह अमेरिकी डब्ल्यूटीआई में भी सप्ताह के दौरान करीब 17 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई है। वस्तु बाजार के विशेषज्ञों के अनुसार, होरमुज जलडमरूमध्य में जारी व्यवधानों के कारण कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है, जिससे निकट अवधि में रुझान सतर्क रूप से मजबूत बना हुआ है।
विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक कच्चे तेल के लिए 99 डॉलर का स्तर तत्काल बाधा के रूप में देखा जा रहा है। यदि कीमतें इस स्तर के ऊपर टिकती हैं तो 104.50 डॉलर तक बढ़त संभव है और आगे चलकर 110 डॉलर तक जाने की संभावना बनी हुई है। वहीं गिरावट की स्थिति में 95 डॉलर प्रमुख सहारा स्तर है, जबकि 90.80 से 88.50 डॉलर का स्तर मजबूत आधार प्रदान करता है। हालांकि कुल मिलाकर रुझान सकारात्मक बना हुआ है, लेकिन यह पूरी तरह से वैश्विक राजनीतिक घटनाक्रम पर निर्भर करता है। इस बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ संघर्ष में परमाणु हथियार का उपयोग नहीं किया जाएगा। उन्होंने व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि पारंपरिक तरीकों से ही स्थिति को नियंत्रित किया गया है।
इसके बावजूद खबरें हैं कि अमेरिका ने क्षेत्र में सैन्य कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए हैं, जिसमें होरमुज जलडमरूमध्य के पास ईरान की छोटी नौकाओं को निशाना बनाने की कार्रवाई भी शामिल है। इससे इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर तनाव और बढ़ गया है। एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, इजराइल और लेबनान ने अपने युद्धविराम को तीन सप्ताह के लिए आगे बढ़ा दिया है। होरमुज जलडमरूमध्य, जहां से दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत कच्चे तेल का व्यापार गुजरता है, इस समय सबसे संवेदनशील क्षेत्र बना हुआ है। यहां सैन्य गतिविधियों और समुद्री बाधाओं के कारण आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
stock market update: घरेलू शेयर बाजार में शुरुआती कारोबार के दौरान बिकवाली का दबाव देखने को मिला। आईटी और दवा क्षेत्र के शेयरों में कमजोरी के कारण प्रमुख सूचकांक Sensex और Nifty लगभग 1 प्रतिशत तक नीचे कारोबार करते दिखे।

