चेन्नई में वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में अचानक बढ़ोतरी होने से व्यापारियों और उपभोक्ताओं के बीच चिंता बढ़ गई है। इस वृद्धि के कारण शहर में खाने-पीने की वस्तुओं की कीमतों में जल्द ही बढ़ोतरी होने की आशंका जताई जा रही है।
तेल विपणन कंपनियों द्वारा हर महीने की जाने वाली कीमत संशोधन प्रक्रिया के तहत 19 किलोग्राम वाले वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 203 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। अब इसकी कीमत 2,043.50 रुपये से बढ़कर 2,246.50 रुपये हो गई है। यह बढ़ोतरी उन व्यवसायों पर सीधा असर डाल रही है जो बड़े स्तर पर खाना बनाने के लिए गैस का उपयोग करते हैं। एलपीजी की कीमतें अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों और भारतीय रुपये की डॉलर के मुकाबले विनिमय दर के आधार पर तय की जाती हैं। पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण आपूर्ति में बाधा आई है, जिससे वैश्विक स्तर पर एलपीजी की उपलब्धता प्रभावित हुई है और कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिली है।
इस बढ़ोतरी का सबसे अधिक असर होटल, रेस्टोरेंट, सड़क किनारे खाने की दुकानें और चाय स्टॉल पर पड़ा है। कई व्यवसायी पहले से ही बढ़ती लागत और घटते लाभ के दबाव में काम कर रहे हैं। अब इस नई बढ़ोतरी के बाद उनके सामने और मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। कई खाद्य व्यवसाय संचालकों ने संकेत दिए हैं कि वे अपने मेन्यू की कीमतों में बदलाव करने पर विचार कर रहे हैं ताकि बढ़ती लागत का बोझ कम किया जा सके। एक रेस्टोरेंट संचालक ने बताया कि हर महीने लागत बढ़ रही है और यदि यही स्थिति बनी रही तो कीमतें बढ़ाना मजबूरी बन जाएगी।
इससे पहले भी शहर के कुछ इलाकों में एलपीजी की कमी की खबरें सामने आई थीं, जिसके कारण कुछ जगहों पर खाने की कीमतें बढ़ी थीं। हालांकि घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे आम परिवारों को फिलहाल राहत मिली है। फिर भी वाणिज्यिक एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी का अप्रत्यक्ष असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ने की संभावना है। चेन्नई में बाहर खाना रोजमर्रा की जिंदगी का महत्वपूर्ण हिस्सा है, ऐसे में संचालन लागत बढ़ने से आने वाले समय में लोगों को अधिक खर्च करना पड़ सकता है।

