केंद्र सरकार ने FY27 के दौरान देशभर में 26,474 किमी ग्रामीण सड़कों के निर्माण के लिए .₹18,907 करोड़ आवंटित किए हैं। यह राशि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) तथा ग्रामीण संपर्क से जुड़ी अन्य पहलों के तहत खर्च की जाएगी। ग्रामीण विकास मंत्रालय की ओर से आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में यह जानकारी दी गई।
बैठक में विभिन्न राज्यों में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों के सड़क संपर्क परियोजना की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की समीक्षा की गई। ग्रामीण विकास विभाग के सचिव रोहित कंसल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में राज्यों को निर्देश दिया गया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-1 और PM-JANMAN के तहत अब तक संपर्क से वंचित सभी बस्तियों को जल्द से जल्द सड़क नेटवर्क से जोड़ा जाए। विशेष रूप से अति संवेदनशील जनजातीय समूहों की बस्तियों तक सड़क पहुंच सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। राज्यों ने आश्वासन दिया कि परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाई जाएगी, आधारभूत संरचना की गुणवत्ता को बेहतर बनाया जाएगा तथा प्रत्येक पात्र बस्ती तक हर मौसम में उपयोग योग्य सड़क सुविधा पहुंचाई जाएगी।
बैठक के दौरान FY2026-27 के लिए राज्यों के लक्ष्य और परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। ग्रामीण संपर्क से वंचित क्षेत्रों में सड़क नेटवर्क का पूर्ण विस्तार सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया गया। सचिव ने कहा कि सभी पात्र ग्रामीण क्षेत्रों तक हर मौसम में सड़क संपर्क उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने राज्यों से विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) तैयार करने की प्रक्रिया में तेजी लाने, निर्माण कार्यों में आने वाली बाधाओं को दूर करने तथा लंबित परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने का आग्रह किया। इसके साथ ही वामपंथी उग्रवाद प्रभावित जिलों में सड़क अवसंरचना के रणनीतिक महत्व को देखते हुए संबंधित राज्यों को कार्यान्वयन एजेंसियों के साथ लगातार समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
बैठक में शामिल राज्यों ने अपने लक्षित कार्ययोजना प्रस्तुत करते हुए भरोसा दिलाया कि सभी लंबित कार्य और वार्षिक लक्ष्य निर्धारित समय के भीतर पूरे कर लिए जाएंगे। मंत्रालय ने राज्यों को जमीनी स्तर पर निरीक्षण व्यवस्था मजबूत करने, गुणवत्ता निगरानी प्रणाली को और प्रभावी बनाने तथा परियोजनाओं की लगातार निगरानी सुनिश्चित करने की सलाह दी। सचिव ने राज्यों को भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामलों के शीघ्र निस्तारण, वन स्वीकृति प्रस्तावों में तेजी लाने तथा परियोजना के विभिन्न चरणों का समयबद्ध पालन सुनिश्चित करने के लिए राज्यवार निर्देश भी जारी किए। सरकार का मानना है कि बेहतर ग्रामीण सड़क नेटवर्क से दूरस्थ क्षेत्रों की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान होगी तथा ग्रामीण विकास को नई गति मिलेगी।

