Wednesday, July 15, 2026 |
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केंद्रीय बजट 2026-27 बदलती अर्थव्यवस्था के आत्मविश्वास और परिपक्वता को दर्शाता है: हरदीप सिंह पुरी

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बिजनेस रेमेडीज़ | देहरादून (आईएएनएस)। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शनिवार को कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 वर्ष 2014 के बाद से परिवर्तन के दौर से गुजर रही भारतीय अर्थव्यवस्था के आत्मविश्वास, स्थिरता और परिपक्वता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।

केंद्रीय बजट 2026-27 पर आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान मीडिया को संबोधित करते हुए पुरी ने कहा कि यह बजट विकास को गति देने और राजकोषीय अनुशासन बनाए रखने के बीच एक संतुलित दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है। उन्होंने कहा कि बजट भारत की उस परिवर्तनकारी यात्रा को रेखांकित करता है, जिसमें देश ‘कमजोर पांच’ अर्थव्यवस्थाओं में गिने जाने से निकलकर आज विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और वैश्विक स्तर पर सबसे भरोसेमंद विकास गाथाओं में से एक बन चुका है।

बजट को दूरदर्शी और सुदृढ़ीकरण उन्मुख बताते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह पिछले एक दशक में रखी गई मजबूत नींव पर आधारित है और भारत को वैश्विक नेतृत्व के अगले चरण के लिए तैयार करता है।

पुरी ने कहा कि उपभोग और निवेश से प्रेरित अर्थव्यवस्था के चलते वित्त वर्ष 2026 में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 7.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है। यह ऐसे समय में है, जब वैश्विक वृद्धि दर लगभग 3 प्रतिशत के आसपास रहने की संभावना है। इसके साथ ही भारत लगातार चौथे वर्ष दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है।

मुद्रास्फीति पर बात करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वर्ष 2025 में भारत ने प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में मुद्रास्फीति में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की, जो लगभग 1.8 प्रतिशत रही। अप्रैल से दिसंबर 2025 के बीच खाद्य पदार्थों, विशेष रूप से सब्जियों और दालों की कीमतों में नरमी के कारण औसत मुद्रास्फीति लगभग 1.7 प्रतिशत रही। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भारत में मुद्रास्फीति का स्तर कई विकसित और उभरती अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में काफी कम है।

पुरी ने 2014 के बाद से पूंजी-आधारित विकास मॉडल की ओर हुए निर्णायक बदलाव पर जोर देते हुए कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 में कुल पूंजीगत व्यय लगभग 12.2 लाख करोड़ रुपए रहने का अनुमान है, जो 2013-14 की तुलना में 430 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि को दर्शाता है।

उन्होंने बताया कि इस अवधि के दौरान राष्ट्रीय राजमार्गों के लिए आवंटन में लगभग 500 प्रतिशत, रक्षा क्षेत्र में 210 प्रतिशत से अधिक, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण में लगभग 176 प्रतिशत और शिक्षा क्षेत्र में 110 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अवसंरचना पर किया गया निवेश विकास का प्रमुख इंजन बन गया है और राष्ट्रीय राजमार्ग विकास पर खर्च किया गया प्रत्येक रुपया जीडीपी में लगभग 3.2 रुपए का योगदान देता है, जो पूंजीगत व्यय की बहुगुणक क्षमता को दर्शाता है।



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