नई दिल्ली | बिजनेस रेमेडीज | दुनिया के केंद्रीय बैंक अगले पांच वर्षों में Gold Reserve बढ़ाएंगे और इस दौरान कुल रिजर्व में Dollar की हिस्सेदारी में कमी देखने को मिलेगी। यह जानकारी World Gold Council (WGC) की ओर से मंगलवार को जारी किए गए सर्वेक्षण में दी गई। WGC के Central Bank Gold Reserve Survey 2026 में बताया गया कि 2026 में 84 प्रतिशत केंद्रीय बैंकों का मानना है कि अगले पांच वर्षों में उनके कुल रिजर्व में Gold की हिस्सेदारी बढ़ेगी। पिछले साल यह आंकड़ा 76 प्रतिशत पर था।
WGC के इस सर्वेक्षण में दुनिया के 73 केंद्रीय बैंक शामिल हैं, जिसमें से 17 विकसित अर्थव्यवस्थाओं और 56 विकासशील अर्थव्यवस्थाओं से हैं। WGC के सर्वेक्षण में 74 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि अगले पांच वर्षों में Dollar की हिस्सेदारी कुल रिजर्व में कम होगी। वहीं, 15 प्रतिशत ने कहा कि इसमें कोई बदलाव होगा। वहीं, 11 प्रतिशत ने कहा कि Dollar की हिस्सेदारी रिजर्व में बढ़ेगी। हालांकि, उत्तरदाताओं ने कहा कि Dollar वैश्विक स्तर पर Reserve Currency बना रहेगा।
सर्वेक्षण के मुताबिक, 89 प्रतिशत उत्तरदाताओं का मानना है कि अगले 12 महीनों में वैश्विक केंद्रीय बैंक Gold की हिस्सेदारी अपने रिजर्व में बढ़ाएंगे। वहीं, 11 प्रतिशत ने कहा कि इसमें कोई बदलाव नहीं होगा।
सर्वेक्षण में जब पूछा गया कि क्या उनका केंद्रीय बैंक अगले 12 महीनों में Gold Reserve बढ़ाएगा तो 45 प्रतिशत ने इसका समर्थन किया। वहीं, 54 प्रतिशत ने कहा कि इसमें कोई बदलाव नहीं होगा। एक प्रतिशत गिरावट के पक्ष में थे। इससे पहले WGC की ओर से जारी किए गए आंकड़ों में बताया गया था कि मई में केंद्रीय बैंकों ने 20 टन सोना खरीदा है, जो कि अप्रैल के 16 टन से अधिक है। हालांकि, बीते 12 महीने के औसत 27 टन से कम है।
WGC ने कहा कि सोने में खरीदारी की वजह वैश्विक स्तर पर अस्थिरता है। इसके चलते केंद्रीय बैंक लगातार अपना Gold Reserve बढ़ा रहे हैं।

