बिजऩेस रेमेडीज/जयपुर
एमिटी यूनिवर्सिटी राजस्थान के एनएसएस सेल ने देश के युवाओं को सशक्त बनाने की ‘माई भारत’ अभियान की पहल को आगे बढ़ाते हुए युवा मामले और खेल मंत्रालय (युवा मामले विभाग) और उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) के सहयोग से कार्यशाला का सफलतापूर्वक आयोजन किया। वर्कशॉप में एमिटी यूनिवर्सिटी राजस्थान के विभिन्न विभागों के 300 से अधिक छात्र, 40 एनएसएस स्वयंसेवक, संकाय सदस्य और विश्वविद्यालय प्रशासन से पार्टिसिपेट्स ने भाग लिया।
वाइस चांसलर प्रोफेसर (डॉ.) अमित जैन ने वर्कशॉप का उद्घाटन करते हुए उद्यमिता के महत्व पर प्रकाश डाला। प्रो वाइस चांसलर प्रोफेसर (डॉ.) प्रो. जी.के. आसेरी ने अपने संबोधन में छात्रों को उत्साह
के साथ उद्यमिता की संभावनाओं को तलाशने के लिए प्रेरित किया।
कार्यशाला के पहले सत्र में कैटेलिस्ट एआईसी के प्रोग्राम मैनेजर धीरज राठौर ने संबोधित करते हुए बताया कि कैसे इनक्यूबेशन सेंटर समाज पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकते हैं। उन्होंने प्रतिभागियों से अपने उपभोक्ताओं को गहराई से समझने का आग्रह किया।
वर्कशॉप में एआईसी-जेकेएलयू की सीईओ निधि कच्छवा ने अपने सहयोगी परितोष और बिस्मनप्रीत सिंह के साथ भाग लेते हुए व्यवसाय में जुनून, रचनात्मकता और लचीलेपन के परस्पर संबंध पर एक्टिविटी बेस्ड सेशन में बताया कि कैसे क्रियटिविटी बिजनेस इनोवेशन, समस्या-समाधान और प्रतिस्पर्धी बाजार में आगे रहने के लिए आवश्यक है। एनएसएस के प्रोग्राम कॉर्डिनेटर डॉ. मनोज कुमार ने वर्कशॉप का संचालन करते हुए जुनून के साथ अपने सपनों को वास्तविकता में बदलने के लिए प्रोत्साहित किया

