बिजऩेस रेमेडीज/नई दिल्ली
Amazon (नेज्डैक: एएमजेडएन) ने आज घोषणा की कि उसने भारत में 2027 तक अपने प्रत्यक्ष संचालन में इस्तेमाल किए जाने वाले पानी के मुकाबले अधिक मात्रा में पानी लोगों को वापस करने का लक्ष्य रखा है। इस नए लक्ष्य के तहत अमेजन भारत में अपने परिचालन केंद्रों में जल दक्षता बढ़ाने के लिए पिछले कई सालों में किए गए प्रयासों और पानी की भारी कमी से जूझ रहे लोगों को पानी मुहैया करने वाली परियोजनाओं में किये निवेश को आगे बढ़ाया जाएगा। अमेजन के 2020 से भारत में पहले किए गए निवेश के तहत दीर्घकालिक, जलवायु के अनुरूप जल एवं स्वच्छता समाधान पेश किये गए जिससे 1 मिलियन (10 लाख) से ज़्यादा लोगों को लाभ पहुंचा है।
अमेजऩ भारत में अपने परिचालनों में जल दक्षता बढ़ाना जारी रखेगी, जिसमें इसके फुलफिल्मेंट सेंटर, कॉर्पोरेट ऑफिस और डेटा सेंटर शामिल हैं, और स्थानीय समुदायों के लिए परियोजनाओं का समर्थन कर उन जल पुन:पूर्ति (रिप्लेनिशमेंट) परियोजनाओं में बढ़ोतरी करेगी जिनसे जल की कमी वाले क्षेत्रों में जल की उपलब्धता और गुणवत्ता बढ़ती है। अमेजऩ में मुख्य वहनीयता अधिकारी (चीफ सस्टेनेबिलिटी ऑफिसर), कारा हर्स्ट ने कहा, कि सुरक्षित जल तक पहुंच एक बुनियादी मानवाधिकार है और भारत दुनिया भर के पानी की सबसे अधिक कमी से जूझने वाले क्षेत्रों में से एक है। हमने 2020 से भारत में 1 मिलियन से अधिक लोगों को पानी और स्वच्छता समाधान के साथ मदद की है। लेकिन पानी की तेज़ी से बढ़ती मांग को देखते हुए, आज का लक्ष्य निर्धारित करना इस तेज़ी से बढ़ती चुनौती को हल करने में मदद करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता जाहिर करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
ये परियोजनाएं पानी की सबसे अधिक कमी से जूझ रहे क्षेत्रों और उनके आस-पास के स्थानीय समुदायों पर केंद्रित होंगी। उदाहरण के लिए, बेंगलुरु के पास यामारे झील और हैदराबाद के पास साई रेड्डी झील से जुड़ी हमारी नवीनतम जल परियोजनाएं स्थानीय तौर पर पानी की चुनौतियों को दूर करने और सामुदायिक लचीलेपन का समर्थन करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। यामारे और साई रेड्डी झीलें, जो कभी अपने आस-पास रहने वाले लोगों के लिए पानी की महत्वपूर्ण स्रोत थीं, वे शहरीकरण और क्षरण के कारण गाद (सेडीमेंट) भरने और बहुत अधिक वनस्पति उग के कारण धीरे-धीरे लुप्त हो रही हैं। झीलों की कम होती जल भंडारण क्षमता से बाढ़ का जोखिम भी बढ़ गया है और भूजल पुनर्भरण (ग्राउंड वाटर रिचार्ज) को कम कर दिया है, जिससे स्थानीय जल संसाधनों पर और अधिक दबाव पड़ रहा है। अमेजऩ इन चुनौतियों का मुकाबले करने के लिए, स्थानीय पर्यावरण संगठन सेट्रीज (SayTrees) के साथ साझेदारी करेगी, ताकि यमारे और साई रेड्डी झीलों का व्यापक जीर्णोद्धार किया जा सके। जनवरी 2025 में शुरू होने वाली परियोजनाओं में झीलों से गाद निकालना, पुश्ते (बंड) का पुनर्निर्माण और इनलेट तथा आउटलेट (पानी के प्रवाह और निकास) से जुड़ी संरचनाओं की मरम्मत करना शामिल होगा। इन प्रयासों से यमारे झील और साई रेड्डी झील की जल संग्रह क्षमता में संयुक्त रूप से 571 मिलियन लीटर से अधिक की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।
सेट्रीज के ट्रस्टी देवकांत पयासी ने कहा कि ये झील जीर्णोद्धार परियोजनाएं इस बात का एक बेहतरीन मॉडल हैं कि कैसे कंपनियां पर्यावरणीय वहनीयता और सामुदायिक कल्याण दोनों के लिए लाभ के लिए काम कर सकती हैं। वे न केवल जल सुरक्षा में योगदान करती हैं, बल्कि पारिस्थितिकी की बहाली के बहुमुखी लाभों को उजागर करते हुए हरित स्थान तक सामुदायिक पहुंच भी बढ़ाती हैं।
भारत में विश्व की 18 प्रतिशत आबादी रहती है और देश के पास दुनिया में उपलब्ध कुल जल संसाधन का केवल 4 प्रतिशत है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार जलवायु परिवर्तन के कारण देश में बाढ़ और सूखे की दर में बढ़ोतरी के कारण जल संसाधनों पर दबाव और भी बढऩे की आशंका है।
अमेजऩ इंडिया के संचालन उपाध्यक्ष, अभिनव सिंह ने कहा, कि मौजूदा अनुमानों से पता चलता है कि 2030 तक भारत में पानी की मांग फिलहाल उपलब्ध आपूर्ति के मुकाबले दोगुनी हो जाएगी।अमेजऩ अपने व्यवसाय में जल प्रबंधन के बेहतरीन प्रयासों का विस्तार कर रही है, जिसमें हमारी सभी इमारतों में कम पानी का उपयोग करना – लॉजिस्टिक्स साइटों से लेकर कॉर्पोरेट ऑफिस और डेटा केंद्रों तक- बेहतर फिक्सचर, वर्षा जल संचयन, अपशिष्ट जल पुनर्चक्रण और एआई के जरिये रिसाव का पता लगाकर स्मार्ट जल निगरानी करना शामिल होगा।
अमेजऩ ने पहले भी भारत में 2025 तक 1 मिलियन लोगों को स्वच्छ जल तक पहुंच प्रदान करने के लिए 10 मिलियन डॉलर का योगदान देकर वाटर.ऑर्ग जल और जलवायु कोष को लॉन्च करने में मदद की थी, ताकि पानी की कमी का सामना करने वाले क्षेत्रों में सालाना तीन अरब लीटर पानी उपलब्ध कराया जा सके।
अमेजन इस दिशा में किये जा रहे अपने प्रयासों की प्रगति को मापने के लिए, भारत में पानी के रिप्लेनिशमेंट की कुल मात्रा को मापेगी और इसकी तुलना अपने लॉजिस्टिक्स साइटों, कॉर्पोरेट ऑफिस और डेटा सेंटर में उपयोग किए जाने वाले कुल पानी से करेगी। अमेजऩ अपने लक्ष्य को कैसे पूरा करेगा, इसकी पूरी जानकारी हमारी कार्यप्रणाली से मिल सकती है जो यहां उपलब्ध है: https://sustainability.aboutamazon.com/waterÐ

