नई दिल्ली: भारत में Artificial Intelligence (AI) कौशल प्रशिक्षण पेशेवरों के करियर में बड़ा बदलाव ला रहा है। एक नई रिपोर्ट के अनुसार, AI से संबंधित कौशल हासिल करने वाले पेशेवरों के वेतन में औसतन 150 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। साथ ही, AI से मिलने वाले रोजगार अवसरों का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा अब पारंपरिक इंजीनियरिंग भूमिकाओं से बाहर निकलकर अन्य क्षेत्रों तक पहुंच गया है। शिक्षा एवं कौशल विकास मंच स्केलर की रिपोर्ट में बताया गया है कि AI अब केवल एक विशेष तकनीकी कौशल नहीं रह गया है, बल्कि विभिन्न उद्योगों में कार्यबल की व्यापक क्षमता के रूप में उभर रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार, करियर की शुरुआत करने वाले पेशेवरों ने AI कौशल प्रशिक्षण के बाद औसतन 155 प्रतिशत वेतन वृद्धि दर्ज की। इससे स्पष्ट है कि AI युवा और अनुभवी दोनों प्रकार के पेशेवरों के लिए करियर को गति देने वाला महत्वपूर्ण माध्यम बनता जा रहा है। AI आधारित रोजगार अवसरों का दायरा अब केवल इंजीनियरिंग तक सीमित नहीं है। लगभग 50 प्रतिशत अवसर नेतृत्व, परामर्श, संचालन, मानव संसाधन, विपणन, वित्त, शिक्षा जगत तथा अन्य व्यावसायिक कार्यों तक फैल चुके हैं।
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि AI सीखने वालों में लगभग 25 प्रतिशत लोग गैर-तकनीकी पृष्ठभूमि से आते हैं। यह संकेत देता है कि AI की उपयोगिता अब सॉफ्टवेयर और इंजीनियरिंग क्षेत्रों से आगे बढ़कर विभिन्न पेशों में बढ़ रही है। स्केलर के सह-संस्थापक अभिमन्यु सक्सेना ने कहा कि AI नए अवसरों के द्वार खोल रहा है, करियर विकास को तेज कर रहा है और पेशेवरों को बेहतर वेतन प्राप्त करने में सहायता कर रहा है। उनके अनुसार, आवश्यक कौशल विकसित करने वालों के लिए AI रोजगार के लिए खतरा नहीं, बल्कि नए अवसरों का सृजनकर्ता बनकर उभर रहा है।
महिलाओं की भागीदारी भी भारत के AI क्षेत्र में लगातार बढ़ रही है। रिपोर्ट के अनुसार, AI आधारित करियर में आने वाली महिलाओं के वेतन में औसतन 145 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं, गुणवत्ता आश्वासन इंजीनियर के रूप में कार्यरत महिलाओं ने सबसे अधिक 574 प्रतिशत वेतन वृद्धि हासिल की। शहरों के आधार पर देखा जाए तो बेंगलुरु भारत के AI प्रतिभा परिदृश्य में सबसे आगे बना हुआ है और कुल शिक्षार्थियों में इसकी हिस्सेदारी 19 प्रतिशत है। इसके बाद पुणे, हैदराबाद, मुंबई और चेन्नई का स्थान रहा।
साथ ही, AI सीखने वाले लगभग हर पांच में से एक व्यक्ति अब लखनऊ, जयपुर, पटना, इंदौर, कोयंबटूर और नागपुर जैसे Tier-II शहरों से आ रहा है। यह दर्शाता है कि AI का विस्तार बड़े महानगरों से निकलकर छोटे शहरों तक पहुंच रहा है। रोजगार परिणामों की बात करें तो सॉफ्टवेयर इंजीनियर सबसे सामान्य AI आधारित भूमिका के रूप में सामने आया, जिसकी हिस्सेदारी 34.77 प्रतिशत रही। इसके बाद इंजीनियरिंग नेतृत्व की हिस्सेदारी 17.51 प्रतिशत दर्ज की गई।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि परामर्श क्षेत्र में AI नए अवसर पैदा कर रहा है। प्रवेश स्तर पर जहां परामर्श से जुड़े रोजगार परिणाम 3.1 प्रतिशत थे, वहीं कुल पेशेवर परिणामों में यह आंकड़ा बढ़कर 5.65 प्रतिशत तक पहुंच गया। इसके अलावा, उपाध्यक्ष स्तर के अधिकारी, CXO और इंजीनियरिंग नेतृत्व से जुड़े पेशेवरों ने AI कौशल प्रशिक्षण के बाद सबसे अधिक वेतन प्राप्त किया। इनकी औसत वार्षिक आय ₹.33 लाख रही।

