Friday, March 13, 2026 |
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स्वाभिमान मिशन के तहत Priti Adani के नेतृत्व में 10 लाख महिलाएं बनेंगी ‘Business Woman’

by Business Remedies
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Adani Group की सामाजिक सेवा और विकास से संबंधित इकाई, Adani Foundation 11 अगस्त 2026 को अपने 30 साल पूरे करने जा रही है। इस मौके से पहले फाउंडेशन ने अपने प्रमुख महिला सशक्तिकरण मिशन ‘स्वाभिमान’ को बड़े स्तर पर आगे बढ़ाने की घोषणा की है। इस पहल का लक्ष्य देशभर में 10 लाख महिला उद्यमियों को सक्षम बनाना है।
ये घोषणा गुरुवार को मुंबई के नेशनल सेंटर फॉर द परफॉर्मिंग आर्ट्स (एनसीपीए) में आयोजित ‘स्वाभिमान- द राइज़ ऑफ शी’ कार्यक्रम के दौरान की गई। इस अवसर पर महिलाओं की आजीविका, व्यापार और आर्थिक आत्मनिर्भरता पर इस पहल के बढ़ते प्रभाव को प्रमुखता से उजागर किया गया।
विस्तार के पहले फेज में ध्यान महाराष्ट्र पर रहेगा, जहां इस पहल के तहत पहले वर्ष में एक लाख महिलाओं को सशक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके माध्यम से महिलाओं द्वारा चलाए जा रहे छोटे बिजनेस और जमीनी स्तर की व्यापार के लिए नए अवसर तैयार किए जाएंगे।
यह कार्यक्रम महिला आर्थिक विकास महामंडल (माविम) के साथ मिलकर शुरू किया गया है। माविम महाराष्ट्र सरकार की वह संस्था है, जो महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और स्वयं सहायता समूहों के विकास के लिए काम करती है। सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत चल रहे स्वाभिमान कार्यक्रम के जरिए अब तक मुंबई के वंचित समुदायों की 4,500 से अधिक महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण, उद्यमिता से जुड़ी जानकारी और वित्तीय व डिजिटल साक्षरता के माध्यम से स्थायी आजीविका बनाने में मदद मिली है।
कार्यक्रम में अदाणी फाउंडेशन की चेयरपर्सन डॉ. प्रीति अदाणी और ट्रस्टी शिलिन अदाणी मौजूद रहीं। इस अवसर पर महाराष्ट्र सरकार की महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे, मुंबई की मेयर ऋतु तावड़े और माविम की एमडी नंदिनी आवाडे भी उपस्थित रहीं।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी इस कार्यक्रम में शामिल होने की इच्छा जताई थी, लेकिन एक जरूरी बैठक के कारण वे उपस्थित नहीं हो सके। अपने संदेश में उन्होंने अदाणी ग्रुप को मुंबई और सम्पूर्ण महाराष्ट्र में किए जा रहे उनके सराहनीय सामाजिक कार्यों के लिए शुभकामनाएँ दी।
कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने मिलकर स्वतेजा मार्ट का उद्घाटन किया। यह मुंबई में महिलाओं द्वारा चलाया जा रहा एक सामुदायिक बाज़ार है, जहाँ स्थानीय महिला उद्यमियों को प्रशिक्षण, बाज़ार से जुड़ने के अवसर और अपने उत्पाद बेचने के लिए तैयार मंच मिलता है। यहाँ महिलाएँ अपने उत्पाद ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से बेच सकती हैं। इसी पहल के तहत एक क्लाउड किचन की भी शुरुआत की गई।
इस मौके पर एक कॉफी टेबल बुक भी जारी की गई, जिसमें उन महिलाओं की प्रेरणादायक कहानियाँ शामिल हैं, जिनके जीवन में स्वाभिमान कार्यक्रम के माध्यम से सकारात्मक बदलाव देखने को मिले हैं।
मुंबई में इस कार्यक्रम के माध्यम से अब तक 800 से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। यह दर्शाता है कि सही प्रशिक्षण और उद्यमिता के समर्थन से महिलाओं के जीवन में कितना बड़ा बदलाव आ सकता है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने कहा, “स्वाभिमान माविम की सबसे सफल पहलों में से एक है और महिला सशक्तिकरण का एक मजबूत उदाहरण भी है। वित्तीय साक्षरता और उद्यमिता को बढ़ावा देकर यह ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना’ जैसी पहलों को भी मजबूत बनाता है और दर्शाता है कि साझेदारी के जरिए महिलाओं के लिए स्थायी अवसर कैसे बनाए जा सकते हैं।”
मुंबई की मेयर ऋतु तावड़े ने कहा, “भारतीय समाज में ‘शी पॉवर’ का बढ़ता असर आज स्पष्ट दिखाई दे रहा है, खासकर धारावी जैसे क्षेत्रों में। स्वाभिमान जैसी पहलें आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव ला रही हैं। इससे महिलाओं में आर्थिक आत्मविश्वास बढ़ रहा है और वे उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।”
इस मौके पर डॉ. प्रीति अदाणी ने कहा, “स्वाभिमान हमारे इस विश्वास को दर्शाता है कि महिलाओं को सशक्त बनाना समुदायों को मजबूत करने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने का सबसे प्रभावी तरीका है। मुंबई की महिलाओं की प्रेरणादायक कहानियाँ यह व्यक्त करती हैं कि जब सही सहयोग और अवसर मिलते हैं, तो कितना बड़ा बदलाव संभव है। अब जब हम इस कार्यक्रम को सम्पूर्ण भारत में 10 लाख महिलाओं तक पहुँचाने की दिशा में बढ़ रहे हैं और इसकी शुरुआत महाराष्ट्र में एक लाख महिलाओं से कर रहे हैं, तब हमारा ध्यान महिलाओं को स्थायी आजीविका के अवसर देने और महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों को आगे बढ़ाने पर रहेगा, ताकि इसका असर लंबे समय तक दिखाई दे।”
स्वाभिमान कार्यक्रम के तहत महिलाओं को उद्यमिता, वित्तीय साक्षरता और आजीविका से जुड़े कौशलों का व्यवस्थित प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके साथ ही उन्हें मार्गदर्शन, बाज़ार से जुड़ने के अवसर और व्यवसाय शुरू करने से जुड़ी सलाह भी दी जाती है। इस सहयोग से कई महिलाओं ने घर से छोटे-छोटे व्यवसाय शुरू किए हैं और सामूहिक उद्यम भी खड़े किए हैं, जिससे उनके परिवार की आय बढ़ी है और वे अपने समुदाय में प्रेरणा का उदाहरण बन रही हैं।
अदाणी फाउंडेशन इस समय भारत के 22 राज्यों के 7,000 से ज्यादा गाँवों में काम कर रहा है और अपनी विभिन्न पहलों के माध्यम से 96 लाख से ज्यादा लोगों तक पहुँच स्थापित कर चुका है। फाउंडेशन के कार्यक्रम शिक्षा, स्वास्थ्य, सतत आजीविका, जलवायु संरक्षण और सामुदायिक विकास जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित हैं।
भारत की विकास प्राथमिकताओं और संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (यूएन एसडीजी) के अनुरूप, स्वाभिमान कार्यक्रम का यह विस्तार महिलाओं के लिए बड़े स्तर पर समावेशी आर्थिक अवसर तैयार करने की फाउंडेशन की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
देशभर में विस्तार के साथ स्वाभिमान भारत की महिलाओं द्वारा संचालित सबसे बड़ी आजीविका पहलों में से एक बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। यह एक मजबूत राष्ट्रीय अभियान के रूप में उभर रहा है, जो महिलाओं को उद्यमी, सामुदायिक नेतृत्वकर्ता और स्थानीय आर्थिक विकास की ताकत बनने का अवसर दे रहा है।



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