Saturday, July 18, 2026 |
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देश में मजबूत विकास और व्यापार के समग्र दृष्टिकोण में सुधार

by Business Remedies
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वैश्विक परिवेश में कई नई चुनौतियों के बीच भारत सही नीतिगत उपायों के साथ अपनी वृद्धि की बढ़त को बरकरार बनाए हुए है। जहां सितंबर, 2014 में शुरू की गई मेक इन इंडिया पहल ने भारत के सकल घरेलू उत्पाद में विनिर्माण के योगदान को 16 फीसदी से बढ़ाकर 25 फीसदी करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया। इसके आधार पर ही सरकार का विजन २०४७ तक विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करना है। पर भारत के आकार के अलावा सबसे बड़ी चुनौती यह है कि अगले १० से २० वर्षों तक बाहरी वातावरण उतना अनुकूल नहीं रहने वाला है, जितना वर्ष,१९९० के आसपास से शुरू होकर पिछले ३० वर्षों में रहा है। वहीं भारतीय अर्थव्यवस्था देश में मजबूत विकास और व्यापार के समग्र दृष्टिकोण में सुधार और निवेश के संकेत के साथ आशावादी रूप से बढ़ रही है। सरकार के नए प्रयासों एवं पहलों की मदद से निर्माण क्षेत्र में काफी सुधार हुआ है। मेक इन इंडिया मुख्यत: निर्माण क्षेत्र पर केंद्रित है लेकिन इसका उद्देश्य देश में उद्यमशीलता को बढ़ावा देना भी है। इसका दृष्टिकोण निवेश के लिए अनुकूल माहौल बनाना, आधुनिक और कुशल बुनियादी संरचना, विदेशी निवेश के लिए नए क्षेत्रों को खोलना और सरकार एवं उद्योग के बीच एक साझेदारी का निर्माण करना है। मेक इन इंडिया पहल के संबंध में देश एवं विदेशों से सकारात्मक प्रतिक्रिया भी मिली हैं। जापान, चीन, फ्रांस और दक्षिण कोरिया जैसे देशों नें विभिन्न औद्योगिक और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में भारत में निवेश करने के लिए अपना समर्थन दिखाया है। वहीं विकसित भारत २०४७ विजन के लिए जहां भारतीय मैन्युफैक्चरिंग और बिजनेस को ग्लोबल वैन्यू चेन में इंटीग्रेट करने की महत्ती आवश्यकता है।



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