बिजऩेस रेमेडीज/कोलकाता सदियों से महिलाएँ परिवार, कार्यस्थल और समाज की रीढ़ रही हैं, लेकिन उनका स्वास्थ्य अक्सर जीवन की जिम्मेदारियों के आगे पीछे छूट जाता है। इस अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर, Manipal Hospital ने इस स्थिति को बदलने का एक मजबूत प्रयास किया और महिलाओं के स्वास्थ्य और सशक्तिकरण पर केंद्रित एक विशेष पहल की। इस कार्यक्रम में कामकाजी महिलाएँ, महिला एचआर प्रमुख, पुलिस अधिकारी और आईएएस व आईपीएस महिला संघ की प्रतिष्ठित सदस्य शामिल हुईं। इस अवसर पर मणिपाल हॉस्पिटल्स के विभिन्न इकाइयों के डॉक्टर भी उपस्थित रहे।
‘द पावर ऑफ हर’ सिर्फ एक थीम नहीं है, यह एक संदेश है कि जब एक महिला सशक्त होती है, तो पूरा समाज आगे बढ़ता है। महिलाएँ करियर, परिवार और सामाजिक अपेक्षाओं के बीच संतुलन बनाए रखती हैं, लेकिन अक्सर वे खुद के स्वास्थ्य को प्राथमिकता नहीं दे पातीं। ‘पावर ऑफ हर’ का उद्देश्य महिलाओं को उनकी सेहत, सपनों और आवाज को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित करना है। यह उन महिलाओं के साहस को सलाम करने का अवसर है, जिन्होंने संघर्ष किया, सामाजिक बाधाएँ तोड़ीं और नए कीर्तिमान स्थापित किए। इस कार्यक्रम की शुरुआत एक आपातकालीन जीवनरक्षक बेसिक लाइफ सपोर्ट (क्चरुस्) और कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (ष्टक्कक्र) प्रशिक्षण के साथ हुई, जिसमें प्रतिभागियों को आवश्यक प्राथमिक चिकित्सा कौशल प्रदान किए गए। इसके बाद दीप प्रज्वलन के साथ औपचारिक उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा ‘डॉक्टर और मरीज केस स्टडी सत्र’ था, जिसमें Manipal Hospital के वरिष्ठ डॉक्टरों ने प्रेरणादायक चिकित्सा मामलों को साझा किया। इन मामलों में विशेषज्ञ उपचार और समय पर दी गई चिकित्सा सहायता के माध्यम से जीवन में आए बदलावों की कहानियाँ शामिल थीं। इस सत्र में भाग लेने वाले डॉक्टर थे डॉ. सुतानु हाजरा, वरिष्ठ सलाहकार एवं प्रमुख – ऑर्थोपेडिक्स, Manipal Hospital , मुकुंदपुर, डॉ. परिजात देब चौधरी, सलाहकार – इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी, मणिपाल हॉस्पिटल, मुकुंदपुर, डॉ. संचिला तालुकदार, सलाहकार – प्रसूति एवं स्त्री रोग, मणिपाल हॉस्पिटल, मुकुंदपुर, डॉ. पूजा अग्रवाल, सलाहकार – सर्जिकल ऑन्कोलॉजी (ब्रेस्ट सर्जरी), मेडिका सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल, मणिपाल हॉस्पिटल्स ग्रुप, डॉ. अरिंदम पांडे, वरिष्ठ सलाहकार – कार्डियोलॉजी, मेडिका सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल, Manipal Hospital ग्रुप, डॉ. अमिताभ घोष, सलाहकार – जनरल एवं लैप्रोस्कोपिक सर्जरी, मणिपाल हॉस्पिटल, ढाकुरिया, डॉ. सस्वती सिन्हा, सलाहकार – क्रिटिकल केयर, मणिपाल हॉस्पिटल, ढाकुरिया, डॉ. इरीना देय, सलाहकार – प्रसूति एवं स्त्री रोग, और डॉ. अंसु सेन, सलाहकार – न्यूरोलॉजी, मणिपाल हॉस्पिटल, साल्ट लेक। एक विचारशील पैनल चर्चा में विभिन्न आयु वर्ग की महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर मणिपाल हॉस्पिटल्स के विशेषज्ञों ने अपनी राय रखी। इस चर्चा में शामिल विशेषज्ञ थे डॉ. प्रेणा गोयंका, सलाहकार – बाल चिकित्सा एवं नवजात विज्ञान, मणिपाल हॉस्पिटल, साल्ट लेक, डॉ. अभिनिबेश चटर्जी, सलाहकार – प्रसूति एवं स्त्री रोग, मणिपाल हॉस्पिटल, साल्ट लेक, डॉ. संचिला तालुकदार, सलाहकार – प्रसूति एवं स्त्री रोग, मणिपाल हॉस्पिटल, मुकुंदपुर, डॉ. अरुणावा रॉय, वरिष्ठ सलाहकार एवं प्रमुख (स्त्री रोग ऑन्कोलॉजी एवं महिला कैंसर पहल), मेडिका सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल ,Manipal Hospital , डॉ. राजीब बसु, सलाहकार – ऑर्थोपेडिक्स, Manipal Hospital , ढाकुरिया, और डॉ. सुभासिस रॉय चौधरी, वरिष्ठ सलाहकार – इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी, मणिपाल हॉस्पिटल, ब्रॉडवे। चर्चा के दौरान, डॉ. प्रेणा गोयंका ने कहा कि किशोरियों में कैल्शियम और आयरन की कमी एक गंभीर समस्या है। समय पर टीकाकरण और नियमित स्वास्थ्य जांच से उनके दीर्घकालिक स्वास्थ्य को मजबूत बनाया जा सकता है। डॉ. अभिनिबेश चटर्जी ने बताया, कि किशोरावस्था एक महत्वपूर्ण चरण है, जहाँ यौन शिक्षा, स्वच्छता और पोषण पर जागरूकता आवश्यक होती है। सही जानकारी से लड़कियाँ भविष्य में बेहतर स्वास्थ्य निर्णय ले सकती हैं। डॉ. संचिला तालुकदार ने कहा कि युवावस्था से मध्य आयु तक महिलाएँ पीसीओडी, अनियमित माहवारी, एनीमिया, मोटापा और रजोनिवृत्ति से जुड़ी समस्याओं का सामना करती हैं। नियमित स्वास्थ्य जांच और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना बेहद ज़रूरी है। डॉ. अरुणावा रॉय ने बताया कि स्तन और गर्भाशय ग्रीवा कैंसर के बढ़ते मामलों को देखते हुए समय पर स्क्रीनिंग बहुत ज़रूरी है। जागरूकता बढ़ाकर हम कैंसर से होने वाली मौतों को कम कर सकते हैं।
डॉ. राजीब बसु ने हड्डियों की समस्याओं पर चर्चा करते हुए कहा कि ऑस्टियोपोरोसिस और गठिया महिलाओं में बढ़ती उम्र के साथ गंभीर समस्याएँ बन जाती हैं। सही पोषण और सक्रिय जीवनशैली से इन बीमारियों को रोका जा सकता है। डॉ. सुभासिस रॉय चौधरी ने महिलाओं में हृदय रोग के बढ़ते मामलों पर चिंता जताते हुए कहा कि महिलाओं में हृदय रोग के लक्षण अक्सर अनदेखे रह जाते हैं। नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित आहार और तनाव प्रबंधन से इसे रोका जा सकता है। इस कार्यक्रम के दौरान महिला उद्यमियों की उपलब्धियों को भी सम्मानित किया गया। इन महिलाओं ने संघर्षों को पार कर समाज में अपनी पहचान बनाई और अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बनीं।

