बिजनेस रेमेडीज़/नोएडा। यूपी सरकार नोएडा और ग्रेटर नोएडा के तेजी से बढ़ते शहरीकरण और आबादी के दबाव को देखते हुए एक नया हाईटेक शहर ‘न्यू नोएडा’ (हृद्ग2 हृशद्बस्रड्ड) बसाने की तैयारी कर रही है। यह शहर नोएडा और ग्रेटर नोएडा के विस्तार को नई दिशा देने के साथ-साथ औद्योगिक, व्यावसायिक और आवासीय विकास को भी बढ़ावा देगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को शिकागो की तर्ज पर विकसित करने की योजना बनाई गई है, जिसमें आधुनिक शहरी सुविधाएं, लॉजिस्टिक हब, इंटीग्रेटेड टाउनशिप और स्किल डेवलपमेंट सेंटर शामिल होंगे।
‘न्यू नोएडा’ को गौतमबुद्ध नगर और बुलंदशहर के बीच बसाने की योजना बनाई जा रही है। इसके लिए सरकार 80 गांवों की 21,000 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण करने में जुटी है। इनमें बुलंदशहर के 60 गांव, गौतमबुद्ध नगर के 20 गांव और गाजियाबाद के 6 गांव शामिल हैं। नोएडा और ग्रेटर नोएडा पहले ही तेजी से विकसित हो चुके हैं, जिससे अब वहां जमीन की कमी महसूस की जा रही है. बढ़ते औद्योगिक और आवासीय विकास के दबाव को कम करने के लिए न्यू नोएडा को बसाया जाएगा।
मास्टर प्लान 2041 के तहत होगा विकास: नोएडा अथॉरिटी द्वारा अनुमोदित ‘न्यू नोएडा मास्टर प्लान 2041’ के तहत इस नए शहर में आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इस योजना में विशेष रूप से दादरी-नोएडा-गाजियाबाद निवेश क्षेत्र (ष्ठहृत्रढ्ढक्र) पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जो औद्योगिक विकास के लिए एक प्रमुख केंद्र बनेगा। इसके साथ ही, स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर द्वारा तैयार किए गए इस मास्टर प्लान में विभिन्न सुविधाएं शामिल की जाएंगी, जिनमें लॉजिस्टिक हब, आईटी पार्क, नॉलेज सेंटर और स्किल डेवलपमेंट संस्थान भी होंगे।
न्यू नोएडा के लिए भूमि का वर्गीकरण: इस परियोजना के तहत अधिग्रहित भूमि को विभिन्न उद्देश्यों के लिए विभाजित किया जाएगा। 40 प्रतिशत भूमि औद्योगिक विकास के लिए आरक्षित होगी, जिससे यहां बड़े पैमाने पर फैक्ट्रियां और आईटी कंपनियां स्थापित की जा सकेंगी। 13 प्रतिशत भूमि आवासीय क्षेत्रों के लिए उपयोग में लाई जाएगी, जिससे आधुनिक टाउनशिप और हाउसिंग सोसाइटी विकसित की जाएंगी। 18 प्रतिशत भूमि हरित क्षेत्रों और मनोरंजन सुविधाओं के लिए रखी जाएगी, जिससे यह शहर पर्यावरण-अनुकूल और हरित बना रहेगा।
1000 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित: नोएडा अथॉरिटी ने न्यू नोएडा परियोजना के लिए 1,000 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है। इस राशि का उपयोग भूमि अधिग्रहण और आंतरिक बुनियादी ढांचे के विकास के लिए किया जाएगा. इसके तहत सडक़ों, सीवेज सिस्टम, पानी की आपूर्ति, बिजली व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाओं का विकास किया जाएगा, जिससे यह शहर पूरी तरह हाईटेक बनेगा।
नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लिए वरदान साबित होगा न्यू नोएडा: नोएडा और ग्रेटर नोएडा में तेजी से हो रहे शहरीकरण और औद्योगीकरण के चलते वहां का बुनियादी ढांचा दबाव में है। ऐसे में न्यू नोएडा का विकास इन शहरों पर बढ़ते बोझ को कम करेगा और एक सुव्यवस्थित विस्तार होगा, इससे क्षेत्र में निवेश आकर्षित होगा, नए उद्योग स्थापित होंगे और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

