बिजनेस रेमेडीज़/जयपुर। जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी में 28 एवं 29 जनवरी को आयोजित 36 घंटे के इस हैकाथॉन में पहली बार मेडिकल और इंजीनियरिंग छात्र एक टीम के रूप में साथ आए और हेल्थकेयर की 25 बड़ी समस्याओं के समाधान खोजने में जुटे। हैकाथॉन का मूल्यांकन 10 जूरी सदस्यों द्वारा किया गया, जो ईएचसीसी, एपेक्स हॉस्पिटल, फोर्टिस हॉस्पिटल, मणिपाल हॉस्पिटल, सीके बिड़ला हॉस्पिटल आदि अस्पतालों से है जिनका कैडर एनएबीएच एसेसर से लेकर ग्रुप हेड मेडिकल ऑपरेशंस, डर्मेटोलॉजिस्ट, मैक्सिलोफेशल सर्जन और सीनियर पल्मोनोलॉजिस्ट तक है। प्रतियोगिता में 75 टीमों ने भाग लिया, जिनमें से टीम 28 ‘डेवगेटर’ ने पहला स्थान हासिल किया। इस टीम ने एक ऐसा एआई-पावर्ड सिस्टम विकसित किया, जो वीडियो विश्लेषण के ज़रिए हिंसक मरीजों की पहचान कर सकता है, जिससे डॉक्टरों और अस्पताल स्टाफ की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। इस तकनीक का उपयोग मानसिक स्वास्थ्य वार्ड और आईसीयू से संवेदनशील क्षेत्रों में किया जा सकता है, जहां डॉक्टरों को अक्सर हिंसक व्यवहार का सामना करना पड़ता है।
दूसरा स्थान टीम 3 ‘हेल्थ हैकर्स’ को मिला, जिन्होंने भी डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए ए आई आधारित समाधान प्रस्तुत किया।
तीसरे स्थान पर रही टीम 15 ‘ग्रुफिंडर’, जिन्होंने एक्स-रे मशीन की उपलब्धता की जानकारी से शेड्यूलिंग सुधारने और मरीजों की प्रतीक्षा समय घटाने जैसी प्रॉब्लम स्टेटमेंट का समाधान विकसित किया। यह एक ऐसा सिस्टम है जो डॉक्टरों द्वारा लिखी गई जटिल एक्स-रे रिपोर्ट्स को पढऩे और समझने में मदद करेगा।
इस हैकाथॉन में विजेता टीमों को आकर्षक पुरस्कार राशि से सम्मानित किया गया। पहला स्थान हासिल करने वाली टीम को 75,000 रुपए की नकद राशि दी गई। दूसरा स्थान प्राप्त करने वाली टीम को 50,000 रुपए मिले, और तीसरे स्थान वाली टीम को 25,000 रुपए का इनाम दिया गया। इसके अलावा, 10 टीमों को प्रोत्साहन पुरस्कार के रूप में रु. 2,100 की राशि दी गई, ताकि वे अपने इनोवेटिव आइडियाज को और आगे बढ़ा सकें।
इस हैकाथॉन में कुछ बेहद ज़रूरी और इनोवेटिव समाधान तैयार किए गए जिनमें बुजुर्गों के लिए दवा रिमाइंडर सिस्टम, आईसीयू मरीजों के लिए एआर वीआर डिवाइसेस, बेड़सोर से बचाव के समाधान, डॉक्टर की लिखी पर्ची को पढऩे और दवा के शेड्यूल को समझने वाला ऐप शामिल है।
हैकाथॉन से पहले, मेडिकल और इंजीनियरिंग छात्रों के लिए मीटअप सेशन्स आयोजित किए गए। इन सेशन्स में छात्रों को एक-दूसरे के क्षेत्र को समझने और मिलकर समाधान विकसित करने का मौका मिला।
हैकाथॉन के दौरान मेंटॉरशिप राउंड भी रखा गया, जिसमें विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को उनके प्रोजेक्ट्स पर मार्गदर्शन दिया। इस मैराथन को और रोमांचक बनाने के लिए रिजूविनेशन एक्टिविटीज भी कराई गई, ताकि प्रतिभागी 36 घंटे की इस चुनौती में अपना बेस्ट दे सकें।
समापन समारोह में जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी के वाइस चेयरपर्सन अर्पित अग्रवाल ने सभी छात्रों एवं स्टॉफ को अपना आभार व्यक्त किया और अपने बनाए गए सोल्यूशन पर काम करने के लिए प्रेरित किया।

