बिजऩेस रेमेडीज/जयपुर
जेईसीआरसी ने दो दिवसीय हैकाथॉन एसआईएच – 24 का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रतिभागियों ने अपने विचार रखें। 36 घंटों तक चलने वाले स्मार्ट इंडिया हैकथॉन के प्रीलिम्स राउंड में 2000 से अधिक बच्चों ने हिस्सा लिया और सरकार द्वारा दिए गए प्रोब्लम स्टेटमेंट्स पर अपनी कोडिंग क्षमता का इस्तेमाल कर इनके सॉल्यूशंस डिजाइन किए। टॉप तीन टीमों को 21000, 11000, 5100 एवं उनके अलावा 10 सांत्वना राशि पुरस्कृत की जाएगी।
हैकाथॉन का शुभारंभ असिस्टेंट इनोवेशन डायरेक्टर, मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन इनोवेशन सेल एंड एआईसीटीई, सेंटर इंचार्ज ऑफ जयपुर इनोवेशन अटल अकादमी दीपन साहू द्वारा किया गया।उन्होंने स्टूडेंट्स को सफलता के चार मंत्र दिए : खुद में वह बदलाव लाएं, जो आप दुनिया में देखना चाहते हैं।देश ने आपको क्या दिया है, यह पूछने के बजाय खुद से पूछें कि आपने देश को क्या दिया है। अगर आपने जीवन में असफलता का सामना नहीं किया, तो आपने कुछ नया करने का प्रयास नहीं किया। असफलताओं को स्वीकारें, चुनौतियों को अपनाएं और असफलता का जश्न मनाएं। सफलता और असफलता का जश्न मनाएं। जब आप असफल होते हैं तो असल में आपने कुछ नया करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। साथ ही उन्होंने बताया की पिछले 7 संस्करणों में, हमने दुनिया का सबसे बड़ा नवाचार मॉडल स्थापित किया है, जिसमें छात्रों ने 18 से अधिक क्षेत्रों में समस्याओं का समाधान ढूंढना है। यह मॉडल छात्रों को वास्तविक जीवन की समस्याओं को हल करने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का मौका देता है। इनोवेशन के इस सफर में हम छात्रों को प्रेरित करते हैं कि वे अपने विचारों को साकार करें और इनोवेशन के माध्यम से समाज को नई दिशा दें। जेईसीआरसी इससे पहले भी नोडल सेंटर के रूप में एसआईएच का सफलतापूर्वक आयोजन करा चुका हैं। जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ऑनलाइन माध्यम से स्टूडेंट्स के साथ लाइव इंटरेक्शन भी किया गया था। साथ ही पूर्व एसआईएच आयोजन में लोकसभा सदस्य राज्यवर्धन सिंह राठौड़ एवं राज्य सभा सदस्य प्रकाश जावडक़र भी शामिल हो चुके हैं।एसआईएच में सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर दो प्रकार की समस्याओं पर काम किया जाता हैं। 6 सदस्यों से मिलकर एक टीम का गठन होता हैं, जिसमें एक छात्रा का होना अनिवार्य हैं।
तीन चरणों में होने वाले इस इवेंट के पहले चरण में 60 पैनलिस्ट्स द्वारा सलेक्टेड प्रॉब्लम्स स्टेटमेंट्स पर स्टूडेंट्स के सॉल्यूशंस को परखा एवं समझा गया, जिसके आधार पर द्वितीय चरण के लिए 50 टीम का चयन किया गया। द्वितीय चरण कोडिंग राउंड रहा, जिसमें 16 जजेस की मौजूदगी में चयनित टीमों ने अपने आइडिया को प्रोटोटाइप का रूप दिया, हैकाथॉन में बतौर पैनलिस्ट सोनी, मोर्गन स्टेनले, जियो, स्विगी, डेमको, एमडॉक्स, सेवन एक्स, आईटीसी इन्फोटेक, सैमसंग जैसी कंपनी के सीनियर एक्सपर्ट्स शामिल रहें।
वाइस चेयरपर्सन, अर्पित अग्रवाल, जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी ने बताया की कहा की जेईसीआरसी के विद्यार्थियों का हमेशा से कोडिंग में इंटरेस्ट रहा हैं, जिसका प्रभाव कॉलेज के प्लेसमेंट में दिखता हैं। जेईसीआरसी हमेशा से एसे कोडिंग ईकोसिस्टम को ना सिर्फ़ बढ़ावा देता आया है बल्कि हर वर्ष कई एसे इवेंट्स कैंपस द्वारा भी आयोजित कराए जाते हैं। महिलाओं की सेफ्टी को ध्यान में रखते हुए प्रतिभागियों ने इस तरह की प्रॉब्लम स्टेटमेंट पर काम किया।
सम्यक जैन, हर्षित भटनागर, श्रुति जैस्वाल, हर्षिता, शानू गर्ग, शिवम् स्वामी की टीम मनुस्मृति ने वीमेन सेफ्टी एनालिटिक्स- प्रोटेक्टिंग वीमेन फ्रॉम सेफ्टी थ्रेट्स पर काम किया जहां स्टूडेंट्स ने ऐसी एप्प डिजाईन की जिससे महिलाओं को अलग अलग तरीकों से बचाया जा सकता हैं जैसे की एक बटन दबाते ही आपकी लाइव लोकेशन आपके घरवालों और आस पास के पुलिस स्टेशन तक पहुंच जाएगी और 15-20 मिनट में उस महिला को रेस्क्यू कर लिया जाएगा

