Friday, July 17, 2026 |
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देश में बढ़ता नकली करंसी का धंधा

by Business Remedies
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punit jain

देश में काले धन और नकली करंसी की लानत समाप्त करने के केंद्र सरकार के प्रयासों के बावजूद देशद्रोही तत्वों की ओर से अभी भी देश में नकली करंसी बनाकर या दूसरे देशों से तस्करी के जरिए मंगवा कर भारतीय अर्थव्यवस्था को क्षति पहुंचाना जारी है। देश में कितनी बड़ी मात्रा में नकली करंसी पकड़ी जा रही है। जहां नकली करंसी को समाप्त करने के नाम पर देश में 8 नवम्बर, 2016 को लागू की गई नोटबंदी को 8 वर्ष हो चले हैं, परंतु नकली करंसी की चुनौती अभी भी कायम है। नोटबंदी के बाद पहले वर्ष में तो नकली नोटों के धंधे में कमी आई थी, परंतु बाद में इसने दोबारा रफ्तार पकड़ ली है। पिछले दो-तीन महीनों में तो नकली करंसी के कई मामले सामने आए हैं। इसी महीने 12 जुलाई को पटियाला के सनौर में पुलिस ने घर में नकली करंसी तैयार करने वाले युवक को गिरफ्तार करके नकली नोट बरामद किए। वहीं 13 जुलाई को उत्तर प्रदेश के लखनऊ में स्पैशल टास्क फोर्स ने 2 तस्करों को गिरफ्तार करके उनके कब्जे से नकली नोटों की 50 गड्डियां बरामद कीं। 17 जुलाई को राजस्थान में जोधपुर स्थित स्टेट बैंक, एक्सिस बैंक और यूको बैंक में जमा राशि की रिजर्व बैंक द्वारा जांच के दौरान 100, 50 और 2000 रुपए वाले नोट नकली पाए गए। 20 जुलाई को उत्तर प्रदेश में अलीगढ़ पुलिस ने एक महिला और 2 पुरुषों को गिरफ्तार करके उनके कब्जे से नकली नोट बरामद किए। 21 जुलाई को दिल्ली पुलिस ने नकली नोटों का धंधा करने वाले 2 आरोपियों के कब्जे से 500 रुपए मूल्य वाले कुल 2.91 लाख रुपए नोट जब्त किए। पाकिस्तान में छपे नकली नोटों को आरोपी नेपाल और बंगलादेश सीमा के रास्ते बिहार से ला रहे थे। जानकारी के अनुसार भारत की सीमा में प्रवेश करते ही नकली नोटों की खेप के लिए बोली लगती है। नकली नोटों के बड़े डीलर इस जाली करंसी को खरीदते हैं और फिर छोटे-छोटे सप्लायरों की मदद से दिल्ली व आसपास के इलाकों के अलावा पूरे देश में पहुंचाते हैं। ये लोग सडक़ मार्ग की बजाय नकली करंसी पहुंचाने के लिए रेल मार्ग, विशेषकर कम स्टेशनों पर रुकने वाली सुपर फास्ट रेलगाडिय़ां इस्तेमाल करना पसंद करते हैं क्योंकि कुछ मिनट के ठहराव में रेलगाडिय़ां चैक नहीं हो पातीं। नकली करंसी चलाना किसी भी देश की अर्थव्यवस्था को कमजोर कर उसकी जड़ें खोदने जैसा है, अत: इनके निर्माण या सप्लाई से जुड़े लोगों के विरुद्ध देशद्रोह के आरोप में कठोर कार्रवाई करनी चाहिए।



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