बिजऩेस रेमेडीज/नई दिल्ली
महिन्द्रा यूनिवर्सिटी ने हैदराबाद में स्कूल ऑफ डिज़ाइन इन्नोवेशन शुरू करने की आज घोषणा की। इस स्कूल ऑफ डिज़ाइन इन्नोवेशन ने इटली के टोरिनो स्थित पिनिनफैरिना डिज़ाइन एकैडमी और शेनॉय इन्नोवेशन स्टूडियो आईडीसी आईआईटीबी के साथ साझीदारी की है और यह विद्यार्थियों को भारत और पूरे विश्व से डिज़ाइन के दिग्गजों से मार्गदर्शन प्राप्त करने का अवसर उपलब्ध कराएगा। प्रथम अकादमिक सत्र, बैचलर्स प्रोग्राम इन डिज़ाइन के साथ 15 अगस्त, 2024 को प्रारंभ होगा।
अनूठे ढंग से तैयार यह पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को स्केचिंग, इंजीनियरिंग लैब्स, प्रोटोटाइपिंग और डिजिटल टूल्स सहित डिजाइन की बुनियादी चीज़ों और तीन क्षेत्रों- इंडस्ट्रियल डिज़ाइन, कम्युनिकेशन डिज़ाइन और एक्सपीरिएंस डिज़ाइन में से किसी एक में विशेषज्ञता का मिश्रण उपलब्ध कराएगा और साथ ही एआर, वीआर और एआई जैसी अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों पर केंद्रित एकीकृत पाठ्यक्रम का लाभ देगा। यह कोर्स एक कैप्सटन प्रोजेक्ट के साथ पूरा होगा जिसका लक्ष्य इस उद्योग में वास्तविक दुनिया की चुनौतियों को हल करना है और यह उन विद्यार्थियों की विशेषज्ञता के लिए आधार होगा।
महिन्द्रा यूनिवर्सिटी के कुलपति डाक्टर यजुलु मेदुरी ने कहा कि जैसा कि भारत आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रौद्योगिकी वृद्धि के अगले चरण में बढ़ रहा है, हम नई प्रौद्योगिकियों को अपनाने के मामले में जहां नए कौशल और क्षमताओं की जरूरत है, जबरदस्त वृद्धि देख रहे हैं। स्कूल ऑफ डिज़ाइन की शुरुआत, शिक्षा में उत्कृष्टता एवं नवप्रवर्तन की दिशा में महिन्द्रा युनिवर्सिटी की यात्रा में एक बड़ा मील का पत्थर है। हमारा मानना है कि डिज़ाइन का संबंध केवल सौंदर्य से नहीं है, बल्कि यह उन समाधानों के बारे में है जो वास्तविक दुनिया की चुनौतियों से निपटते में समर्थ हैं। हमारे सख्त पाठ्यक्रम और अत्याधुनिक सुविधाओं के जरिए हम हमारे विद्यार्थियों को नौकरी के भविष्य के लिए तैयार करना चाहते हैं। डिज़ाइन और स्केचिंग का जुनून रखने वाले वे सभी विद्यार्थी अपने कार्य के पोर्टफोलियो के साथ आवेदन करने के पात्र हैं जिन्होंने किसी भी विषय से बारहवीं की परीक्षा उत्तीर्ण की है। चयनित विद्यार्थियों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा। यह स्कूल प्रथम बैच को 25 प्रतिशत चांसलर छात्रवृत्ति उपलब्ध कराएगा जोकि प्रति वर्ष एक लाख रुपये के करीब है। महिन्द्रा यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ डिज़ाइन इन्नोवेशन के संस्थापक डीन प्रोफेसर बी.के. चक्रवर्ती के मुताबिक, ‘डिज़ाइन इन्नोवेशन का मुख्य उद्देश्य समस्या हल करने की एक ऐसी प्रभावी पद्धति है जिसमें रणनीतिक कौशल के साथ रचनात्मकता का मिश्रण हो और वह विद्यार्थियों को उनकी अवधारणाओं को अनूठे उत्पादों और सेवाओं में विकसित करने के लिए मार्गदर्शन करे। किसी भी सॉफ्टवेयर के लिए एक अनुकूल यूजऱ इंटरफेस उतना ही महत्वपूर्ण है जितनी की उसके पीछे की टेक्नोलॉजी और उसके उपयोग में सुविधा उसे बाजार के अधिक अनुकूल बनाती है।

