भारतीय अर्थव्यवस्था ने वित्त वर्ष,24 की पहली तिमाही में बेहतर प्रदर्शन किया है। यह हर भारतवासियों के लिए खुश खबर ही कही जाएगी। दो महीने की मंदी के बाद जून में विनिर्माण क्षेत्र की गतिविधि में उछाल आया है, तो वहीं जीएसटी कलेक्शन भी मजबूत रहा है। पिछले साल के उच्च आधार से इस महीने में यात्री कार की बिक्री में और बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, इस तिमाही में भीषण गर्मी ने कुछ क्षेत्रों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। वहीं जून में जीएसटी कलेक्शन 8 फीसदी बढ़ा है। यात्री वाहनों की बिक्री में भी पिछले वर्ष,२३ की तुलना में पिछले महीने ३.६७ फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। जहां एचएसबीसी इंडिया विनिर्माण क्रय प्रबंधक सूचकांक (पीएमआई) जून में बढक़र 58.3 हो गया, जो मई में 57.5 था। कंपनियों ने 19 वर्षों में सबसे तेज गति से अपनी नियुक्तियां बढ़ाईं। जून में कच्चे माल की खरीद भी बढ़ी है। इस बीच, जून में नए निर्यात ठेकों में काफी वृद्धि हुई। कंपनियों ने विदेशों से नए काम के आने का श्रेय एशिया, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, यूरोप और अमेरिका से बेहतर मांग को दिया है। सरकारी तेल कंपनियों के अनुसार जून में पैट्रोल की बिक्री में साल दर साल 3.6 फीसदी की वृद्धि हुई लेकिन डीजल की खपत में 1.3 फीसदी की गिरावट आई। विमानन ईंधन की बिक्री में 4.3 फीसदी की वृद्धि हुई है। अर्थशास्त्री श्रेया सोढानी का भी कहना है कि पिछले दो महीनों में मंदी के बाद जून में विनिर्माण गतिविधियों में तेजी आई है। नए ऑर्डरों के समर्थन से रोजगार पीएमआई, नियुक्ति के प्रति भावना को दर्शाते हुए, लगातार उच्च स्तर पर पहुंच गया है, जिसे नए ऑर्डरों का समर्थन प्राप्त है। वित्त वर्ष, 2024 में भारतीय अर्थव्यवस्था उम्मीद से बेहतर 8.2 फीसदी की दर से बढ़ी है। वहीं अब वैश्विक घटनाओं पर कड़ी निगरानी रखने की जरूरत है क्योंकि ये आगे चलकर साल के बाकी समय में व्यापार गतिविधियों की दिशा तय करेगी। भारत में अब त्योंहारी सीजन की शुरुआत भी होने वाली है, संभावना है कि व्यापार गतिविधियों में तेजी आएगी। आरबीआई को चालू वित्त वर्ष में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 7.2 फीसदी की वृद्धि की उम्मीद है।

