विदेश से पैसे भेजने के मामले में भारतीय लगातार दूसरे वर्ष भी अव्वल रहे हैं। गत वर्ष के मुकाबले इस वर्ष भी बढ़ोतरी हुई है। विदेशों में रह रहे भारतीयों ने इस बार तो नया रिकॉर्ड बना ही दिया। उन्होंने चीन-मैक्सिको जैसे देशों को पीछे छोड़ दिया है। विश्व बैंक, यूएन माइग्रेशन एजेंसी और आरबीआई की रिपोर्ट्स के मुताबिक ये लगातार दूसरा वर्ष है, जब विदेशों में रहने वाले भारतीयों ने 100 अरब डॉलर से ज्यादा की रकम भारत भेजी है। विदेशों से भेजे गए ये पैसे देश के विदेशी मुद्रा भंडार को बढ़ाने का जरिया है। इतना ही नहीं कई छोटे देशों के लिए तो ये घरेलू आय का एक महत्वपूर्ण सोर्स है। जहां भारत के लोग दुनिया के कोने-कोने में रहते हैं। विदेशों में रह रहे भारतीय देश की अर्थव्यवस्था में अहम रोल निभाते हैं। इन विदेशी भारतीयों की वजह से देश की इकोनॉमी को बड़ा फायदा हो रहा है। विदेशों में रह रहे भारतीयों के इस कदम से 195 देश हिल गए हैं। दरअसल विदेशी धरती पर रहने वाले भारतीय अपने देश में इतना पैसा भेजते हैं, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को बल मिलता है। विदेशों में रह रहे भारतीयों ने पैसे भेजने के मामले में इस बार फिर से सबको पीछे छोड़ दिया है।
विदेशी भारतीयों ने गत वर्ष,2023 में 120 अरब डॉलर भारत भेजे। वल्र्ड बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक विदेशों में बसे भारतीयों की ओर से देश भेजे गए पैसे चीन, मैक्सिको जैसे देशों को पीछे छोड़ दिया है। इस तरह के पैसों के मामले में भारत के मुकाबले चीन के पास आधे से भी कम रकम आती है। पाकिस्तान की बात करें तो विदेशी धरती पर रहने वाले पाकिस्तानी भारतीयों के मुकाबले एक चौथाई पैसा भी नहीं भेजते हैं। बीते साल विदेशों में रहने वाले मैक्सिको के लोगों ने 66 अरब डॉलर अपने देश भेजा। अमेरिका में रह रहे भारतीयों में सबसे ज्यादा पैसा स्वदेश भेजा है।

