गुजरात के सूरत आधारित IBL Finance Limited एक टेक्नोलॉजी-आधारित नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी है और इसने 50 करोड़ रुपए तक के सिक्योर्ड, रेटेड, लिस्टेड और रिडीमेबल नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCD) का पब्लिक इश्यू लाने का प्रस्ताव रखा है। इस लेख में कंपनी की प्रोफाइल, नेतृत्व, भविष्य की योजना और NCD के विवरण पर प्रकाश डाला गया है।
कंपनी प्रोफाइल: साल 2017 में गुजरात के सूरत से अपनी यात्रा शुरू करने वाली IBL Finance Limited एक नई पीढ़ी की वित्तीय प्रौद्योगिकी आधारित गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी है। कंपनी डेटा साइंस और उन्नत तकनीक का उपयोग करके व्यक्तिगत ऋण और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को ऋण उपलब्ध कराती है। ‘IBL Finance Limited’ डिजिटल मंच के माध्यम से कंपनी एक मजबूत ऋण मूल्यांकन प्रणाली के साथ ऋण देने की पूरी प्रक्रिया डिजिटल रूप से संचालित करती है। कंपनी ने अपने मजबूत अंडरराइटिंग मॉडल के दम पर अब तक लाखों ग्राहकों को लोन वितरित किए हैं और बाजार में अपनी एक मजबूत पहचान बनाई है।
भावी योजनाएं: भविष्य को लेकर IBL Finance की योजनाएं काफी आक्रामक और विकास-उन्मुख हैं। हाल ही में 100 करोड़ रुपए से अधिक के एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) का माइलस्टोन पार करने के बाद कंपनी अब एक पैन-इंडिया रिटेल MSME लेंडिंग प्लेटफॉर्म बनने की राह पर अग्रसर है। कंपनी ने आगे ऋण देने (ऑनवार्ड लेंडिंग) के लिए देश की 45 बड़ी और स्थापित नेशनल NBFC को अपने साथ जोड़ा है। अपने AUM को और बढ़ाने के लिए कंपनी लगातार टर्म लोन, NCD और बॉन्ड्स जैसे विभिन्न साधनों के जरिए पूंजी जुटा रही है। इस NCD इश्यू से प्राप्त होने वाली राशि का मुख्य उपयोग भी आगे लोन देने, फाइनेंसिंग करने और मौजूदा कर्जों के पुनर्भुगतान के लिए किया जाएगा।
नेतृत्व: IBL Finance का नेतृत्व एक बेहद अनुभवी और विजनरी मैनेजमेंट टीम के हाथों में है। कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मनीष पटेल हैं, जो इस कंपनी के मुख्य प्रमोटर भी हैं। मनीष पटेल ने भारतीय लेंडिंग स्पेस में डिजिटलाइजेशन की आवश्यकता को समय रहते पहचाना और इस फिनटेक मॉडल की नींव रखी। उनके साथ बोर्ड में होल-टाइम डायरेक्टर के रूप में पीयूष पटेल और मनसुखभाई पटेल शामिल हैं, जिन्हें माइक्रोफाइनेंस और फाइनेंशियल सेक्टर का गहरा अनुभव है।
NCD का विवरण: कंपनी के इस आगामी इश्यू का बेस साइज 25 करोड़ रुपए तय किया गया है, जिसमें ओवरसब्सक्रिप्शन होने पर अतिरिक्त 25 करोड़ रुपए तक रखने के लिए ग्रीन शू ऑप्शन भी शामिल है, जिससे कुल इश्यू साइज 50 करोड़ रुपए तक पहुंच जाता है। प्रत्येक NCD की फेस वैल्यू 1,000 रुपए निर्धारित की गई है। यह पब्लिक इश्यू 12 अक्टूबर, 2026 को निवेश के लिए खुलेगा और 26 अक्टूबर, 2026 को बंद होगा। इन NCD को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर लिस्ट करने का प्रस्ताव है।
इस पब्लिक इश्यू के तहत निवेशकों को निवेश के लिए कई तरह की समय-सीमा और ब्याज भुगतान के विकल्प मिलेंगे। इसमें 13 महीने, 24 महीने, 36 महीने और 60 महीने की अवधि के विकल्प शामिल हैं, जिन पर प्रति वर्ष 12.12 फीसदी तक का शानदार यील्ड यानी रिटर्न मिलेगा। कंपनी ने इस इश्यू के लिए न्यूनतम एप्लिकेशन साइज 10 NCD तय की है, यानी निवेशकों को कम से कम 10,000 रुपए का निवेश करना होगा। रेटिंग की बात करें तो इस इंस्ट्रूमेंट को रेटिंग एजेंसी एक्यूइट द्वारा ‘BBB-/Stable’ क्रेडिट रेटिंग दी गई है, जो इसकी वित्तीय स्थिरता और सुरक्षा को दर्शाती है।
प्रबंधन टिप्पणी: कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर मनीष पटेल ने इस घोषणा पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह प्रस्तावित NCD पब्लिक इश्यू हमारी फंडिंग रणनीति का एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो व्यक्तिगत और वित्तीय संस्थानों दोनों ही स्तरों पर हमारे लोन बिजनेस को और मजबूत बनाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस इश्यू से मिलने वाली राशि का मुख्य इस्तेमाल आगे लोन देने, फाइनेंसिंग करने और कंपनी के पहले से चल रहे कर्ज व ब्याज के पुनर्भुगतान के लिए किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, इस राशि का एक हिस्सा कंपनी के सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों को पूरा करने में भी उपयोग में लाया जाएगा।

