टेक कंपनियों पर बढ़ा दबाव
नई दिल्ली, 22 सितंबर (IANS): अमेरिकी टेक दिग्गज Google ने Child Sexual Abuse Material (CSAM) से जुड़े मामलों की रिपोर्टिंग को लेकर अपनी प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। अब कंपनी ऐसे Content को सीधे भारतीय अधिकारियों के साथ साझा करेगी। इससे पहले Google और Meta जैसी कंपनियां इन रिपोर्ट्स को अमेरिका स्थित गैर-लाभकारी संस्था National Center for Missing & Exploited Children (NCMEC) के जरिए स्थानीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों तक पहुंचाती थीं।
रिपोर्टिंग प्रक्रिया में बदलाव
Google के एक प्रवक्ता ने बताया कि कंपनी Child Sexual Abuse Material की पहचान, रोकथाम, हटाने और रिपोर्टिंग के लिए बड़े स्तर पर निवेश करती है। कंपनी ने यह बदलाव भारत सरकार के साथ चल रही बातचीत का हिस्सा बताया है। इससे पहले Meta ने भी इसी तरह की नीति में बदलाव की घोषणा की थी।
देरी को लेकर उठी थीं चिंताएं
भारतीय अधिकारियों ने हाल के हफ्तों में प्रमुख टेक कंपनियों से रिपोर्टिंग प्रक्रिया को तेज करने की मांग की थी। सरकार का मानना था कि मध्यस्थ संस्था के जरिए रिपोर्ट भेजने की प्रक्रिया में समय लग सकता है, जिससे ऐसे मामलों में कार्रवाई प्रभावित हो सकती है, जहां बच्चों की सुरक्षा तत्काल खतरे में हो।
NCMEC की भूमिका में बदलाव
NCMEC का CyberTipline पोर्टल दुनियाभर से आने वाली Child Sexual Exploitation से जुड़ी शिकायतों का प्रमुख केंद्र रहा है। वर्ष 2025 में इस प्लेटफॉर्म पर लगभग 21.3 मिलियन संदिग्ध मामलों की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। अब Google और Meta की नई व्यवस्था के बाद भारत में ऐसी रिपोर्ट सीधे स्थानीय एजेंसियों तक पहुंच सकेंगी।
भारत है बड़ा Digital Market
भारत Meta के Facebook और Google के YouTube जैसे प्लेटफॉर्म्स के लिए यूजर संख्या के लिहाज से सबसे बड़े बाजारों में शामिल है। Meta के बदलाव के बाद Google का यह कदम Digital Safety और Online Child Protection को लेकर बढ़ती वैश्विक चिंताओं के बीच आया है।
सरकार ने पहले भी दिए थे निर्देश
केंद्र सरकार ने जुलाई में Google को कई Firebase वेब डेवलपमेंट अकाउंट हटाने के निर्देश दिए थे, जो प्रमुख सरकारी और निजी बैंकों तथा वित्तीय संस्थानों की वेबसाइट और Mobile Apps की नकल कर रहे थे। सरकार लगातार Online Fraud और Cyber Crime पर नियंत्रण के लिए टेक कंपनियों के साथ काम कर रही है।

