विज्ञान संचार में नई पहल
नई दिल्ली। वैज्ञानिक शोध को ज्यादा आसान, रोचक और आम लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से CSIR-National Institute of Science Communication and Policy Research (CSIR-NIScPR) ने SARAL AI को अपनाने की पहल शुरू की है। यह कदम विज्ञान संचार को मजबूत बनाने और रिसर्च को व्यापक स्तर पर साझा करने के लिए उठाया गया है।
क्या है SARAL AI पहल
SARAL AI, Anusandhan National Research Foundation (ANRF), New Delhi की एक पहल है। इसके माध्यम से रिसर्च Journals में प्रकाशित वैज्ञानिक शोध को आकर्षक और सरल Videos में बदला जा सकता है, जिससे Students और आम जनता के लिए जटिल वैज्ञानिक विषयों को समझना आसान होगा।
सरकार के Technology Adoption पर जोर
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, यह पहल सरकार द्वारा Science और Research Communication में Emerging Technologies के उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। Minister of State for Science and Technology (Independent Charge) Dr Jitendra Singh ने भी संस्थानों को SARAL AI जैसे Tools अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया है।
ANRF ने बताया Research Communication का महत्व
ANRF के CEO Dr. Shivkumar Kalyanaraman ने CSIR-NIScPR के दौरे के दौरान SARAL AI के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि यह Tool Research Papers से Short Videos तैयार करने में मदद कर सकता है और वैज्ञानिक जानकारी को आम लोगों तक सरल भाषा में पहुंचाने का माध्यम बन सकता है।
Research को Papers तक सीमित नहीं रखने की पहल
Dr. Kalyanaraman ने कहा कि Research केवल Publication तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। SARAL AI जैसे Tools Researchers और Institutions को अपने काम को अधिक लोगों तक पहुंचाने और Indian Research के प्रभाव को बढ़ाने में सहायता कर सकते हैं।
CSIR-NIScPR की डिजिटल पहल
CSIR-NIScPR की Director Dr. Geetha Vani Rayasam के नेतृत्व में संस्थान Science Communication के लिए नई Technology और Digital Platforms का उपयोग कर रहा है। इसी दिशा में हाल ही में SARAL AI पर एक Hands-on Workshop आयोजित की गई, जिसमें Journals के Editors और Researchers सहित 90 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

