हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी आज विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस मनाया जाएगा। यह एक ऐसा व्यापक अभियान है जिसका उद्देश्य वैश्विक स्तर पर यह जागरूकता फैलाना है कि आत्महत्या को रोका जा सकता है। इस वर्ष यह दिवस त्रिशताब्दी थीम आत्महत्या पर दृष्टिकोण बदलना के अंतर्गत महत्वपूर्ण है। वर्तमान डिजिटल युग में अधिकांश लोग तनावग्रस्त रहते हैं। तनाव ज्यादा बढऩे पर यह खतरनाक साबित हो जाता है यानि आत्महत्या जैसी मानसिकता उसके दिलों दिमाग में समा जाती है। यह दिवस तनाव, चुप्पी के कलंक को तोडऩे और खुले, विश्वसनीय संवाद को प्रोत्साहित करने पर जोर देता है। आत्महत्या रोकथाम को बढ़ावा देकर और उपलब्ध मानसिक स्वास्थ्य सहायता जैसे संकटकालीन हेल्पलाइन, सामुदायिक संसाधन और पेशेवर परामर्श का विस्तार करता है। यह दिवस लोगों, समुदायों और सरकारों को सहानुभूति को बढ़ावा देने, नैतिक कल्याण को प्राथमिकता देने और जीवन बचाने के लिए एकजुटता में लाना है। इस दिवस का नेतृत्व अंतरराष्ट्रीय आत्महत्या रोकथाम संघ और विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से किया जाता है। यह एक स्मरण दिवस नहीं है बल्कि यह याद दिलाने का अवसर है कि किसी व्यक्ति को संकट में अकेला ना छोडऩा, उसकी बात सुनना और जरूरत पडऩे पर पेशेवर सहायता तक पहुंचाना जीवन बचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है। वर्तमान में आत्महत्या के चेतावनी संकेतों को पहचानना बेहद जरूरी है, क्योंकि समय पर हस्तक्षेप से किसी की जान बचाई जा सकती है। आत्महत्या के विचार अचानक नहीं आते। अधिकांशतय: इनसे पहले व्यवहार में बदलाव, भावनात्मक परेशानी या सीधे मौखिक संकेत मिलते हैं।

