RBI की पहल से बढ़ेगा विदेशी मुद्रा प्रवाह
नई दिल्ली। Reserve Bank of India (RBI) की ओर से विदेशी पूंजी प्रवाह बढ़ाने के लिए उठाए गए कदमों का असर अब दिखने लगा है। Bank of Baroda की एक रिपोर्ट के अनुसार, इन उपायों की मदद से भारत वित्त वर्ष 2027 में $65–75 बिलियन तक का Balance of Payments Surplus बनाए रखने में सफल हो सकता है।
Current Account Deficit पर रहेगा नियंत्रण
रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि वित्त वर्ष 2027 में भारत का Current Account Deficit (CAD) GDP के करीब 1–1.25 प्रतिशत के दायरे में रह सकता है। Services Exports और Remittances में आई मजबूती से बाहरी क्षेत्र को बड़ा सहारा मिलने की उम्मीद है।
Forex Reserves में ऐतिहासिक बढ़ोतरी
RBI के उपायों से करीब $136.4 बिलियन की विदेशी मुद्रा जुटाई गई है, जिससे देश के Forex Reserves को मजबूती मिली है। भारत का Foreign Currency Assets $47.9 बिलियन बढ़कर कुल Forex Reserves को रिकॉर्ड $729.3 बिलियन तक ले गया है।
FCNR(B) Deposits से मिला बड़ा समर्थन
रिपोर्ट के मुताबिक, Foreign Currency Non-Resident Bank FCNR(B) Deposits के जरिए करीब $127.2 बिलियन जुटाए गए, जो कुल विदेशी प्रवाह का 90 प्रतिशत से अधिक है। वहीं Overseas Foreign Currency Borrowings (OFCBs) से $5.3 बिलियन और External Commercial Borrowings (ECBs) से $3.9 बिलियन का योगदान मिला।
NRI Deposits को आकर्षक बनाने की रणनीति
कई बैंकों ने 3–5 साल की FCNR(B) Deposits पर Interest Rates को लगभग 2–4 प्रतिशत से बढ़ाकर 6–7 प्रतिशत तक कर दिया है, जिससे NRI Investors के लिए ये Deposits ज्यादा आकर्षक हो गई हैं।
RBI ने Liquidity Management पर बढ़ाया फोकस
रिपोर्ट में बताया गया कि RBI Excess Liquidity को नियंत्रित करने के लिए लगातार कदम उठा रहा है। Central Bank ने 6 अगस्त से 2 सितंबर के बीच कुल Rs 53.5 लाख करोड़ की Variable Rate Reverse Repo (VRRR) Auctions की घोषणा की।
बाहरी चुनौतियों से निपटने में मिलेगी मदद
रिपोर्ट के अनुसार, US-Iran War के कारण बढ़ती Oil Prices और Foreign Portfolio Investors (FPI) Outflows से भारतीय अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ा था। हालांकि RBI के कदमों से भारत बाहरी झटकों का सामना करने की स्थिति में मजबूत हुआ है।

