EV Charging Network में तेज विस्तार
भारत में Electric Vehicle (EV) सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है और इसके साथ Charging Infrastructure की मांग भी लगातार बढ़ रही है। एक नई रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2030 तक देश को करीब 13.2 लाख EV Charging Points की जरूरत होगी। यह आंकड़ा मौजूदा 67,657 Installed Chargers की तुलना में कई गुना अधिक है और सेक्टर में बड़े स्तर पर विस्तार के अवसर को दर्शाता है।
Charging Stations की संख्या में बढ़ोतरी
Rubix Data Sciences की रिपोर्ट के अनुसार, Ministry of Heavy Industries के आंकड़ों के मुताबिक भारत में Public EV Charging Stations की संख्या वर्ष 2022 के लगभग 5,000 से बढ़कर दिसंबर 2025 तक 29,151 हो गई है। यानी पिछले कुछ वर्षों में Charging Stations के नेटवर्क में करीब छह गुना वृद्धि हुई है।
कुछ राज्यों में ज्यादा Concentration
रिपोर्ट के मुताबिक Karnataka, Maharashtra और Uttar Pradesh EV Charging Infrastructure की तैनाती में सबसे आगे हैं। हालांकि देश के Top 10 States में ही करीब 78 प्रतिशत Charging Network केंद्रित है।
Low Utilisation बड़ी चुनौती
तेजी से बढ़ते Charging Stations के बावजूद इनका उपयोग स्तर अभी कम है। रिपोर्ट के अनुसार अधिकांश Charging Stations की Utilisation Rate केवल 1–5 प्रतिशत के बीच है। इससे Charge Point Operators (CPOs) के सामने Electricity Cost, Revenue Model और Station Economics जैसी चुनौतियां बनी हुई हैं। कंपनियां Subscription, Fleet Contracts, Roaming और Site Revenue Sharing जैसे मॉडल पर काम कर रही हैं।
Fast Charging Infrastructure में अवसर
भारत में करीब 73 प्रतिशत EV Chargers की Capacity 30 kW से कम है। वहीं 30–60 kW वाले Chargers की संख्या 15,753 है। 61–120 kW Range में केवल 1,513 Chargers मौजूद हैं, जबकि 121–240 kW वाले Chargers 534 और 240 kW से अधिक क्षमता वाले Chargers सिर्फ 9 हैं।
Passenger EV Growth से बढ़ेगी मांग
रिपोर्ट के अनुसार, Low Power Chargers की अधिक संख्या का कारण भारत में Two-Wheeler और Three-Wheeler EV का ज्यादा उपयोग है। देश में Electric Two-Wheeler Penetration करीब 8.88 प्रतिशत और Three-Wheeler Penetration 60.77 प्रतिशत है, जबकि Four-Wheeler EV Penetration करीब 5.70 प्रतिशत है।
भविष्य में Fast Charging का विस्तार
रिपोर्ट ने कहा कि Passenger EV Adoption बढ़ने के साथ Fast Charging और Ultra-Fast Charging Infrastructure की मांग बढ़ेगी। ऐसे में Charge Point Operators के लिए Highway और Urban Corridors में High-Power Charging Network विकसित करने का बड़ा अवसर मौजूद है।

