भारत में Corporate Companies कारोबारी संभावनाओं और मजबूत Business Confidence के दम पर अपने Office Portfolio के विस्तार की तैयारी कर रही हैं। हर चार में से तीन Office Occupiers अगले दो वर्षों में भारत में अपना Office Portfolio बढ़ाने की योजना बना रहे हैं। यह जानकारी Real Estate Consulting Firm CBRE South Asia Pvt. Ltd. के एक Survey में सामने आई है।
Survey के मुताबिक करीब 30 प्रतिशत Corporate Occupiers अपने Office Portfolio में 30 प्रतिशत से अधिक Expansion की योजना बना रहे हैं। पिछले वर्ष इस श्रेणी में कंपनियों की हिस्सेदारी करीब 18 प्रतिशत थी।
अप्रैल से जून 2026 के बीच किए गए Survey से संकेत मिलता है कि Companies के बीच Office Expansion को लेकर Confidence मजबूत हुआ है।
करीब आधी Companies बढ़ाएंगी Real Estate Footprint
Survey में शामिल करीब आधे Office Occupiers Business Growth के साथ अपनी Real Estate मौजूदगी बढ़ाने और मौजूदा Portfolio को Consolidate करने की रणनीति अपना रहे हैं।
वहीं करीब एक-चौथाई Occupiers अगले दो वर्षों में अपने मौजूदा Lease Agreements को Renew करने की योजना बना रहे हैं।
CBRE के Chairman एवं CEO—India, South-East Asia, Middle East & Africa Anshuman Magazine के अनुसार Companies की Expansion योजनाएं भारत में Corporate Real Estate Strategy में केवल Cyclical नहीं, बल्कि बड़े Structural बदलाव की ओर इशारा करती हैं।
उन्होंने कहा कि भारत का Office Stock पहले ही 1 अरब वर्ग फुट का स्तर पार कर चुका है और कंपनियों का Expansion Intent भारत को Long-Term Corporate Growth Destination के रूप में मजबूत भरोसे को दर्शाता है।
63% बड़े Office Occupiers की Expansion या Consolidation की योजना
CBRE India के Managing Director, Leasing Services Ram Chandnani के मुताबिक करीब 63 प्रतिशत Large-Sized Office Occupiers अगले दो वर्षों में Expansion या Consolidation की योजना बना रहे हैं।
इससे Established के साथ Emerging Micro-Markets में भी Quality Office Space की Demand बढ़ने की संभावना है।
Q2 में Office Leasing रिकॉर्ड 2.46 करोड़ वर्ग फुट
भारतीय Office Market ने 2026 में मजबूत प्रदर्शन किया है। अप्रैल-जून 2026 की दूसरी तिमाही में Gross Office Leasing रिकॉर्ड 2.46 करोड़ वर्ग फुट रही।
यह पिछली तिमाही की तुलना में करीब 18 प्रतिशत और पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 14 प्रतिशत ज्यादा रही।
इसके साथ ही 2026 की पहली छमाही में कुल Office Absorption करीब 4.55 करोड़ वर्ग फुट पर पहुंच गया, जो किसी भी Half-Year Period का अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। यह 2025 की पहली छमाही के मुकाबले करीब 10 प्रतिशत ज्यादा रहा।
GCC ने Office Leasing में हासिल की 42% हिस्सेदारी
Office Space की Demand बढ़ाने में Global Capability Centres (GCCs) सबसे बड़े Contributors बने हुए हैं।
2026 की दूसरी तिमाही में GCCs ने कुल Office Leasing में 42 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल की और करीब 1.03 करोड़ वर्ग फुट की रिकॉर्ड Demand दर्ज की।
वहीं Flexible Workspace Operators की कुल Leasing में हिस्सेदारी करीब 27 प्रतिशत रही।
Office Portfolio बढ़ाने की कंपनियों की योजनाओं और GCC की बढ़ती मौजूदगी से आने वाले समय में भारत के Commercial Real Estate और Grade-A Office Space Segment में Demand मजबूत बने रहने की उम्मीद है।

