लोगों के मन में आपसी भाईचारा, एकता और एक-दूसरे के प्रति सम्मान की भावना मजबूत, नस्ल, रंग या धर्म की सीमाओं से ऊपर उठकर इंसानी रिश्तों को प्राथमिकता और विभिन्न देशों, संस्कृतियों और समाजों के बीच शांति और सद्भावना को बढ़ावा देने को लेकर आज अंतरराष्ट्रीय मित्रता दिवस मनाया जाएगा। वैसे भारत में कुछ लोग मैत्री दिवस 2 अगस्त रविवार को भी मनाते हैं। पर यूएन ने इसे 30 जुलाई तय किया है। एक अच्छा मित्र वह है, जो अच्छे कामों के लिए साथ दे, हमें समझें और बेहतर इंसान बनने के लिए प्रेरित करता रहे। यह दिन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि मित्रता भाषा, संस्कृति, राष्ट्रीयता, धर्म और पृष्ठभूमि जैसे मतभेदों से परे लोगों को एक साथ ला सकती है। यह हमें दया, सम्मान, सहानुभूति और सहयोग सिखाती है। मित्रता भावनात्मक और सामाजिक कल्याण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। मित्र हमें आत्मविश्वास, समर्थन और जुड़ाव महसूस करने में मदद करते हैं। मित्रता उन्हें टीमवर्क, ईमानदारी, साझा करना, सहानुभूति और सम्मान जैसे महत्वपूर्ण जीवन मूल्यों को सिखाती है। जहां वैश्विक स्तर पर यह समुदायों और देशों के बीच मित्रता, शांति, सांस्कृतिक समझ और सहयोग को बढ़ावा देने में सहायक हो सकती है। विश्व स्तर पर मित्रता का जश्न मनाने का विचार सबसे पहले वर्ष, 1958 में पराग्वे के डॉ. रामोन आर्टेमियो ब्राचो की ओर से प्रस्तावित किया गया था। उनका और उनके मित्रों का मानना था कि मित्रता लोगों को शांति और समझ की संस्कृति विकसित करने में मदद कर सकती है। यही विचार बाद में विश्व मैत्री अभियान के रूप में विकसित हुआ। जो एक ऐसा संगठन था जिसने लोगों और समुदायों को करीब लाने के साधन के रूप में मित्रता को बढ़ावा दिया। समय के साथ, यह उत्सव दुनिया के विभिन्न हिस्सों में फैल गया। वर्ष, 2011 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने आधिकारिक तौर पर 30 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय मित्रता दिवस घोषित किया।

