मुंबई, 17 जुलाई 2026: भारत के सबसे पुराने थीमैटिक इक्विटी म्यूचुअल फंड में शामिल Franklin India Opportunities Fund ने अपने 26 साल पूरे कर लिए हैं। इस मौके पर फंड ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। फंड का एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) अब 9,100 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है।
यह उपलब्धि फंड की खास इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटेजी पर निवेशकों के मजबूत भरोसे को दिखाती है। इस स्ट्रेटेजी का उद्देश्य भारतीय अर्थव्यवस्था में हो रहे बड़े और लंबे समय के बदलावों से मिलने वाले निवेश के अवसरों का फायदा उठाना है। अपनी शुरुआत से ही यह फंड ‘Make in India’, लोगों की बढ़ती खरीदारी क्षमता और Digitalization जैसे बड़े इन्वेस्टमेंट थीम से फायदा पाने वाली कंपनियों में निवेश करता रहा है। ये तीनों ट्रेंड आज भी भारत की आर्थिक प्रगति को आगे बढ़ा रहे हैं।
Templeton Global Investments में पोर्टफोलियो मैनेजर (India Equities) Kiran Sebastian का कहना है कि, “भारत अब आर्थिक बदलाव के अगले फेज में प्रवेश कर रहा है। ऐसे में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की तेजी, लोगों की बढ़ती खरीदारी क्षमता और डिजिटल तकनीक को तेजी से अपनाने से कई अच्छे निवेश अवसर बन रहे हैं। हमारा ध्यान ऐसी मजबूत और अच्छी कंपनियों की पहचान पर है, जो इन लंबे समय के ट्रेंड का फायदा उठा सकें। रिसर्च आधारित और अनुशासित निवेश रणनीति के जरिए हमारा लक्ष्य आने वाले सालों में निवेशकों के लिए लगातार बेहतर दौलत बनाना है।”
भारत की लंबी अवधि की ग्रोथ थीम में निवेश
Franklin India Opportunities Fund स्पेशल सिचुएशन इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटेजी अपनाता है। इसके तहत फंड अलग-अलग सेक्टर और अलग-अलग मार्केट कैप वाली कंपनियों में निवेश करता है, ताकि अर्थव्यवस्था, तकनीक और समाज में हो रहे बदलावों से पैदा होने वाले नए निवेश अवसरों का फायदा उठाया जा सके।
फंड की इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटेजी 3 प्रमुख थीम पर आधारित है:
Make in India: ऐसी कंपनियों में निवेश, जिन्हें भारत में मैन्युफैक्चरिंग बढ़ने का फायदा मिल रहा है। इसमें पारंपरिक इंडस्ट्री के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, डिफेंस सेक्टर में स्वदेशी खरीद, न्यू एनर्जी से जुड़ी वैल्यू चेन और प्रिसिजन इंजीनियरिंग जैसे उभरते क्षेत्रों की कंपनियां भी शामिल हैं।
बढ़ती समृद्धि: ऐसी कंपनियां, जिन्हें लोगों की बढ़ती इनकम और कंज्यूमर की बदलती पसंद का फायदा मिलने की उम्मीद है।
Digitalization: ऐसी कंपनियां, जो भारत में तेजी से बढ़ रहे डिजिटल बदलाव को आगे बढ़ा रही हैं या उससे लाभ कमा रही हैं।
हर फेज में बेहतर प्रदर्शन
इस स्कीम ने लंबे समय में निवेशकों के लिए वेल्थ क्रिएशन का काम किया है और अलग-अलग बाजार परिस्थितियों में अपने बेंचमार्क Nifty 500 Index से बेहतर प्रदर्शन किया है।
30 जून 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, Franklin India Opportunities Fund ने 1 साल, 3 साल, 5 साल, 10 साल, 15 साल और शुरुआत से अब तक हर अवधि में अपने बेंचमार्क Nifty 500 Index से बेहतर रिटर्न दिया है। यह दिखाता है कि फंड लंबे समय तक ग्रोथ देने वाले निवेश अवसरों की पहचान करने और बदलते बाजार के माहौल में बेहतर प्रदर्शन करने में सफल रहा है।
लंबी अवधि के निवेश को बढ़ावा देने के लिए, अगर कोई निवेशक यूनिट अलॉटमेंट की तारीख से 1 साल के भीतर अपनी यूनिट बेचता है, तो उस पर 1% एग्जिट लोड देना होगा।
निवेश से जुड़े नियम
न्यूनतम पहली बार निवेश: 5,000 रुपये
अतिरिक्त निवेश: 1,000 रुपये
इसके बाद का निवेश: 1 रुपये के मल्टीपल में किया जा सकता है।
लंबी अवधि में कंपाउंडिंग का फायदा
फंड का रिकॉर्ड दिखाता है कि लंबे समय तक निवेश बनाए रखने से कंपाउंडिंग का बड़ा फायदा मिला है। अगर किसी निवेशक ने फंड की शुरुआत में एकमुश्त 10,000 रुपये लगाए होते, तो 30 जून 2026 तक उसकी रकम करीब 25 गुना बढ़कर लगभग 2.59 लाख रुपये हो जाती। इस दौरान फंड ने 13.14% सालाना (CAGR) रिटर्न दिया।
वहीं, अगर किसी निवेशक ने शुरुआत से हर महीने 10,000 रुपये का SIP किया होता, तो उसकी कुल निवेश राशि बढ़कर लगभग 4.21 करोड़ रुपये हो जाती। यह दिखाता है कि रेगुलर निवेश और लंबे समय तक बने रहने से कंपाउंडिंग का कितना बड़ा फायदा मिलता है।
फंड से जुड़ी प्रमुख बातें
- फंड का एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) 9,100 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है।
- फंड ने निवेश के 26 साल पूरे कर लिए हैं।
- ‘Make in India’, देश में बढ़ती समृद्धि और Digitalization थीम पर निवेश करता है।
- 1, 3, 5, 10 और 15 साल के साथ-साथ शुरुआत से अब तक हर अवधि में Nifty 500 Index से बेहतर रिटर्न दिया।
- फंड की शुरुआत में लगाए गए 10,000 रुपये बढ़कर करीब 2.59 लाख रुपये हो गए।
- शुरुआत से हर महीने 10,000 रुपये का SIP करने पर निवेश की वैल्यू करीब 4.21 करोड़ रुपये हो गई।

