नई दिल्ली | बीआर न्यूज नेटवर्क | एक तरफ जहां अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध के चलते पूरी दुनिया में भू-राजनीतिक तनाव अपने चरम पर है। वहीं दूसरी तरफ भारत ने इस वैश्विक संकट के बीच एक बहुत बड़ा आर्थिक दांव खेल दिया है। आज यानी 15 जुलाई से भारत और ब्रिटेन (UK) के बीच ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता (FTA) आधिकारिक तौर पर लागू हो गया है। इस ऐतिहासिक समझौते के बाद, अब भारत से ब्रिटेन भेजे जाने वाले सभी उत्पादों पर कोई आयात शुल्क नहीं लगेगा, यानी भारतीय उद्योगों के लिए UK का बाजार पूरी तरह ड्यूटी-फ्री हो गया है।
दुनिया सहमी, भारत ने चली बड़ी चाल
मौजूदा दौर में Middle East (मध्य पूर्व) में छिड़ी जंग के कारण दुनिया के तमाम देश भारी तनाव में हैं। कच्चे तेल के दामों में लगातार अच्छा-खासा इजाफा हो रहा है। इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर महंगाई का खतरा मंडरा रहा है। दुनिया इस जंग के खतरनाक साइड इफेक्ट्स से सहमी नजर आ रही है, लेकिन भारत ने इन गंभीर चुनौतियों को भांपते हुए बैक-टू-बैक कई व्यापार समझौते किए हैं। Donald Trump की ओर से शुरू किए गए वैश्विक टैरिफ वॉर और Middle East की जंग के बीच, भारत का यह कदम एक मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है।
चुनिंदा देशों पर निर्भरता होगी कम
इस मेगा ट्रेड डील का सबसे बड़ा रणनीतिक फायदा यह होगा कि भारत की कुछ चुनिंदा वैश्विक ताकतों या देशों पर व्यापारिक निर्भरता काफी कम हो जाएगी। वैश्विक मंदी और युद्ध के हालात में जब बड़े-बड़े देशों के पैर डगमगा रहे हैं, तब भारत ने UK जैसे बड़े बाजार में अपने पैर मजबूती से जमा लिए हैं।
किसे मिलेगा सबसे बड़ा फायदा?
आज से लागू हो रहे इस समझौते से भारतीय अर्थव्यवस्था के जमीनी स्तर से जुड़े लोगों को सीधा लाभ पहुंचने वाला है—
- किसान और मछुआरे : भारतीय कृषि उत्पादों और समुद्री भोजन (सी-फूड) को बिना किसी ड्यूटी के ब्रिटेन के बाजारों में एंट्री मिलेगी, जिससे उनकी कमाई में बड़ा उछाल आएगा।
- MSME और घरेलू उद्योग : भारत के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (MSME) के लिए यह एक स्वर्णिम अवसर है। कम लागत में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की उनकी क्षमता बढ़ेगी।
- कपड़ा, फुटवियर और फार्मा सेक्टर : इन क्षेत्रों के निर्यातकों को भारी टैक्स छूट मिलने से ब्रिटेन में भारतीय सामानों की मांग तेजी से बढ़ेगी।
बिगड़ते ग्लोबल हालात में भारत बना लीडर
यह व्यापारिक समझौता सिर्फ दो देशों के बीच का लेन-देन नहीं है, बल्कि यह बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत की मजबूत होती आर्थिक कूटनीति का प्रमाण है। जब पूरी दुनिया जंग और प्रतिबंधों के जाल में उलझी है, तब भारत ने अपनी अर्थव्यवस्था को सुरक्षित रखने और निर्यात को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए यह सबसे बड़ा खेला कर दिखाया है।
- भारत के लिए यह समझौता काफी फायदेमंद होगा। साथ ही जो भारतीय वहां नौकरी कर रहे हैं, उन्हें भी डबल टैक्स से मुक्ति मिलेगी। इसके अलावा UK की इकोनॉमी, जो इस समय थोड़ी खराब है, उसे भी बूस्ट मिलेगा। इस पैक्ट के बाद UK में भारतीयों को देखने का नजरिया भी बदलेगा। हैंडीक्राफ्ट के लिए भी UK बहुत अच्छा बाजार है। ड्यूटी-फ्री होने के बाद अब UK के कस्टमर फिर से भारत की ओर रुख करेंगे।
- Ravi Utmani, अध्यक्ष, Forehex
- इस समझौते से विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यमों के लिए UK के बाजार में अपनी उपस्थिति मजबूत करने के नए अवसर उपलब्ध होंगे। राजस्थान के प्रमुख निर्यात क्षेत्र जैसे रत्न व आभूषण, हस्तशिल्प, वस्त्र और परिधान, इंजीनियरिंग उत्पाद, मार्बल व प्राकृतिक पत्थर, सिरेमिक, कृषि और खाद्य उत्पाद तथा चमड़ा और चमड़ा उत्पाद इस समझौते से विशेष रूप से लाभान्वित हो सकते हैं।
- Bhupendra Singh, Rajasthan Head, FIEO

