भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को कारोबार के दौरान मिलाजुला रुख देखने को मिला। Nifty 24,100 के स्तर से नीचे कारोबार करता दिखाई दिया, जबकि Sensex लगभग सपाट स्तर पर बना रहा। बाजार पर दबाव का प्रमुख कारण धातु और सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र के शेयरों में कमजोरी रही।
सेक्टोरल प्रदर्शन की बात करें तो सूचना प्रौद्योगिकी और धातु क्षेत्र के सूचकांकों में लगभग 1प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। दूसरी ओर, फार्मा और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र के सूचकांकों में लगभग 1 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में हल्की तेजी दर्ज की गई, जिससे व्यापक बाजार को कुछ समर्थन मिला।
Nifty के प्रमुख बढ़त वाले शेयरों में डॉ. रेड्डीज लैबोरेट्रीज़, अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, अपोलो हॉस्पिटल्स एंटरप्राइज़ तथा सिप्ला शामिल रहे। इन कंपनियों के शेयरों में खरीदारी देखने को मिली, जिससे बाजार को आंशिक सहारा मिला। वहीं, गिरावट वाले प्रमुख शेयरों में इन्फोसिस, हिंदाल्को इंडस्ट्रीज़, एचसीएल टेक्नोलॉजीज़, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज तथा टेक महिंद्रा शामिल रहे। सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में बिकवाली के कारण इन शेयरों पर दबाव बना रहा।
इस बीच, वेदांता के शेयरों में लगभग 6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। बाजार में बड़ी हिस्सेदारी की बिक्री से जुड़े सौदे के बाद निवेशकों की ओर से मुनाफावसूली देखी गई, जिसके कारण शेयर पर दबाव बढ़ा। विश्लेषकों के अनुसार, वैश्विक संकेतों और चुनिंदा क्षेत्रों में कमजोरी के कारण बाजार सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है। हालांकि, फार्मा और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्रों में मजबूती निवेशकों की रुचि को बनाए हुए है। आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशकों की नजर वैश्विक आर्थिक घटनाक्रमों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और कंपनियों से जुड़े महत्वपूर्ण अपडेट पर बनी रहेगी।

