मुंबई: पश्चिम एशिया में तनाव कम होने के बावजूद सोमवार को सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी दर्ज की गई। कमजोर अमेरिकी डॉलर और अमेरिकी केंद्रीय बैंक की भविष्य की नीतियों को लेकर बढ़ती उम्मीदों ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया, जिससे कीमती धातुओं में खरीदारी बढ़ी और कीमतों में 3 प्रतिशत तक की छलांग देखने को मिली।
यह तेजी ऐसे समय में आई है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच शांति समझौता हो गया है। यह समझौता 19 June को औपचारिक रूप से हस्ताक्षरित होने की उम्मीद है। इस घोषणा के बाद वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक चिंताएं कम हुई हैं। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर अगस्त डिलीवरी वाला सोना वायदा कारोबार के दौरान 2.19 प्रतिशत यानी ₹.3,301 की बढ़त के साथ ₹.1,53,829 प्रति 10 ग्राम के उच्चतम स्तर तक पहुंच गया। सुबह लगभग 11:45 बजे यह तेजी दर्ज की गई।
बाद में सोना ₹.1,52,774 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता देखा गया, जो पिछले बंद भाव से ₹.2,246 या 1.49 प्रतिशत अधिक था। कारोबारी सत्र के दौरान इसका निचला स्तर ₹.1,52,632 प्रति 10 ग्राम रहा। वहीं जुलाई डिलीवरी वाली चांदी में भी मजबूत खरीदारी देखने को मिली। चांदी वायदा ₹.2,53,345 प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती दिखाई दी, जो ₹.7,159 या लगभग 3 प्रतिशत की बढ़त दर्शाती है। दिन के अंत में चांदी ₹.2,51,692 प्रति किलोग्राम पर देखी गई, जो पिछले बंद स्तर से ₹.5,500 या 2.24 प्रतिशत अधिक थी। कारोबार के दौरान इसका न्यूनतम स्तर ₹.2,51,425 प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया।
कारोबार की शुरुआत में एमसीएक्स पर सोना ₹.1,53,829 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹.2,51,563 प्रति किलोग्राम पर खुली थी। वस्तु बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी डॉलर में कमजोरी के कारण एमसीएक्स गोल्ड में तेजी देखने को मिली। अमेरिकी डॉलर सूचकांक एक सप्ताह के निचले स्तर पर फिसलने के बाद लगभग 99.5 के आसपास बना हुआ है। अमेरिका-ईरान शांति समझौते की घोषणा के बाद डॉलर पर दबाव बढ़ा है।
विश्लेषकों का कहना है कि सोना अभी भी मजबूती का संकेत दे रहा है। निवेशकों का ध्यान अब भू-राजनीतिक घटनाओं से हटकर अमेरिकी केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीतियों पर केंद्रित हो गया है, जिसका असर आने वाले समय में कीमती धातुओं की दिशा तय कर सकता है। विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि हालिया गिरावट के बाद चांदी में सुधार जारी है और उसे सोने की मजबूती का समर्थन मिल रहा है। मध्यम अवधि में चांदी का दृष्टिकोण भी सकारात्मक बना हुआ है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी कोमेक्स पर सोना और चांदी मजबूती के साथ कारोबार करते देखे गए, जिससे स्पष्ट होता है कि निवेशकों की रुचि अब भी सुरक्षित निवेश विकल्पों में बनी हुई है।
दूसरी ओर, शांति समझौते की घोषणा के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट आई। वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति बाधित होने की आशंकाएं कम होने से अमेरिकी डब्ल्यूटीआई कच्चा तेल 5 प्रतिशत से अधिक गिरकर लगभग 80 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। वहीं अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट कच्चा तेल करीब 4 प्रतिशत गिरकर लगभग 83 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर जानकारी देते हुए कहा कि अमेरिका और ईरान ने संघर्ष समाप्त करने तथा होर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के उद्देश्य से शांति समझौते को अंतिम रूप दे दिया है। यह समुद्री मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लगभग पांचवें हिस्से के परिवहन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

