जयपुर । गुजरात के अहमदाबाद स्थित Techdefence Labs Solutions Limited ने एआई-आधारित एकीकृत साइबरसिक्योरिटी प्लेटफॉर्म ‘टेक डी वन’ लॉन्च करने की घोषणा की है। कंपनी वैश्विक स्तर पर संगठनों को डिजिटल एसेट सुरक्षा समाधान उपलब्ध कराने वाली प्रमुख साइबरसिक्योरिटी कंपनियों में शामिल है। कंपनी के अनुसार नया प्लेटफॉर्म अब Techdefence.Ai पर उपलब्ध है।
कंपनी ने बताया कि ‘टेक डी वन’ एक ऐसा एआई-आधारित प्लेटफॉर्म है, जो चार अलग-अलग सुरक्षा मॉड्यूल को एक ही परिचालन ढांचे में एकीकृत करता है। इससे कंपनियों को कई अलग-अलग सुरक्षा टूल उपयोग करने की आवश्यकता कम होगी और एकीकरण से जुड़ी समस्याओं का समाधान मिलेगा। कंपनी का कहना है कि भारत में एंटरप्राइज साइबरसिक्योरिटी क्षेत्र लंबे समय से बिखरे हुए सुरक्षा समाधानों की चुनौती का सामना कर रहा था, जिसे यह प्लेटफॉर्म दूर करने का प्रयास करेगा। कंपनी ने पहले चरण में चार प्रमुख मॉड्यूल लॉन्च किए हैं। इनमें ‘डार्क वेक्टर एआई’ शामिल है, जो एआई-संचालित स्वायत्त बाहरी आक्रमण सतह प्रबंधन, डार्क-वेब और डीप-वेब खतरा जानकारी के साथ ब्रांड सुरक्षा समाधान प्रदान करता है।
दूसरा मॉड्यूल ‘प्रोवेनेंस एआई’ है, जो एआई-आधारित एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर सप्लाई चेन सुरक्षा प्लेटफॉर्म के रूप में कार्य करेगा। यह ज़ीरो-डे खोज, सोर्स कोड समीक्षा, एससीए, एसबीओएम और एआई-संचालित सुधार सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। कंपनी ने बताया कि यह प्लेटफॉर्म ईगल, लायन और ग्रिफिन मॉडल पर आधारित है तथा Safeguard.Sh के रणनीतिक सहयोग से समर्थित है। तीसरा मॉड्यूल ‘ह्यूमन ट्रस्ट एआई’ है, जो कर्मचारियों के व्यवहार संबंधी जोखिम की पहचान करेगा। यह फ़िशिंग, विशिंग, स्मिशिंग और आंतरिक साइबर खतरों की निगरानी में मदद करेगा। वहीं चौथा मॉड्यूल ‘ओटी शील्ड एआई’ औद्योगिक और महत्वपूर्ण अवसंरचना क्षेत्रों के लिए परिचालन-प्रौद्योगिकी तथा आईसीएस सुरक्षा से जुड़ी भेद्यता जानकारी उपलब्ध कराएगा।
Sunny Vaghela ने कहा कि पिछले दो दशकों से भारतीय कंपनियां ऐसे साइबरसुरक्षा उत्पाद खरीद रही थीं, जो आपस में समन्वय स्थापित नहीं कर पाते थे। उन्होंने कहा कि कई प्लेटफॉर्म ऐसे एआई मॉडल पर आधारित थे, जिन पर कंपनियों का नियंत्रण नहीं था और जिनकी ऑडिट प्रक्रिया भी पारदर्शी नहीं थी। उनके अनुसार ‘टेक डी वन’ इस व्यवस्था को पूरी तरह बदलने वाला स्वदेशी एआई-नेटिव प्लेटफॉर्म है, जिसे भारतीय नियामकीय आवश्यकताओं और एंटरप्राइज जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
कंपनी ने जानकारी दी कि ‘टेक डी वन’ का विस्तार इसी तिमाही से आगे बढ़ाया जाएगा। आगामी चरण में ‘सीओप्स एआई’, ‘प्राइवेसी ओप्स एआई’ और ‘आइडेंटी गार्ड’ जैसे नए मॉड्यूल विकसित किए जाएंगे, जिन पर वर्ष 2027 तक कार्य किया जाएगा। इसके साथ ही कंपनी “साइबर सुरक्षा फॉर एआई” पहल भी शुरू करेगी, जिसके तहत एलएलएम सुरक्षा स्कैनिंग, एआई रनटाइम सुरक्षा, एआई रेड-टीमिंग तथा एआई और आईएसओ/आईईसी 42001 सलाहकार सेवाएं प्रदान की जाएंगी।

