Sunday, July 26, 2026 |
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कमजोर वैश्विक संकेतों से शेयर बाजार में भारी गिरावट

by Business Remedies
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सोमवार को घरेलू शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली। कमजोर वैश्विक संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी के कारण निवेशकों में घबराहट का माहौल बना रहा। अमेरिका-ईरान शांति वार्ता किसी समझौते तक नहीं पहुंचने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों में दबाव बढ़ गया, जिसका सीधा असर भारतीय बाजार पर भी दिखाई दिया। शुरुआती कारोबार में Sensex 848.45 अंक यानी 1.10 प्रतिशत गिरकर 76,479.74 पर पहुंच गया, जबकि Nifty 245 अंक यानी 1.01 प्रतिशत टूटकर 23,931.15 पर कारोबार करता नजर आया।

बाजार खुलते ही बिकवाली का दबाव लगभग सभी प्रमुख क्षेत्रों में देखने को मिला। खासतौर पर उपभोक्ता टिकाऊ सामान, वाहन, रियल एस्टेट और बैंकिंग क्षेत्र के शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों ने जोखिम वाले सौदों से दूरी बनानी शुरू कर दी, जिससे बाजार की कमजोरी और बढ़ गई। दूसरी ओर सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र के शेयरों में अपेक्षाकृत स्थिरता देखने को मिली, जिसने गिरावट को कुछ हद तक संभालने का प्रयास किया। Stock Market के दौरान बाजार की चौड़ाई भी कमजोर रही। केवल33शेयरों में बढ़त दर्ज हुई, जबकि68शेयर गिरावट के साथ कारोबार करते दिखाई दिए। इससे साफ संकेत मिला कि बिकवाली केवल चुनिंदा शेयरों तक सीमित नहीं थी, बल्कि व्यापक स्तर पर दबाव बना हुआ था।

अस्थिरता सूचकांक India VIX में भी 5 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई, जो निवेशकों की बढ़ती चिंता को दर्शाता है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर जारी अनिश्चितता और कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी आने वाले दिनों में भी बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

व्यापक बाजारों में भी कमजोरी बनी रही। Nifty Midcap100 और Smallcap100 सूचकांकों में1प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। मध्यम और छोटे आकार की कंपनियों के शेयरों में बिकवाली बढ़ने से खुदरा निवेशकों की चिंता और गहरी हो गई है। विश्लेषकों का कहना है कि यदि वैश्विक संकेतों में सुधार नहीं होता है तो आने वाले कारोबारी सत्रों में बाजार पर दबाव बना रह सकता है।



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