Mumbai,
भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को लगातार दूसरे दिन तेज गिरावट दर्ज की गई। West Asia में Strait of Hormuz को लेकर बढ़ते geopolitical तनाव के चलते निवेशकों में चिंता बढ़ी, जिससे बाजार पर दबाव बना रहा।
Sensex और Nifty में तेज गिरावट
stock market update के अनुसार, Sensex 852 अंकों की गिरावट के साथ 77,664 पर बंद हुआ, जो 1.09 प्रतिशत की कमी दर्शाता है। वहीं Nifty 205 अंक गिरकर 24,173 पर बंद हुआ, जिसमें 0.84 प्रतिशत की गिरावट रही। बाजार में ऑटो, बैंकिंग, सूचना प्रौद्योगिकी और रियल्टी क्षेत्रों के शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई। गिरावट वाले प्रमुख शेयरों में टेक महिंद्रा, इन्फोसिस, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा, आयशर मोटर्स, एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक शामिल रहे। कारोबार के दौरान Sensex लगभग 1.2 प्रतिशत तक गिरकर 77,574 के निचले स्तर पर पहुंच गया। वहीं Nifty भी करीब 243 अंक गिरकर 24,134 के आसपास पहुंचा। इससे बाजार में पूरे दिन दबाव बना रहा। विभिन्न क्षेत्रों में निफ्टी ऑटो, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, निफ्टी रियल्टी और निफ्टी सूचना प्रौद्योगिकी सूचकांकों में 2 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, कुछ रक्षात्मक क्षेत्रों ने मजबूती दिखाई। निफ्टी हेल्थकेयर और निफ्टी फार्मा सूचकांकों में लगभग 2 प्रतिशत तक की बढ़त देखने को मिली।
विस्तृत बाजार भी दबाव में
केवल बड़े शेयर ही नहीं, बल्कि व्यापक बाजार में भी कमजोरी रही। निफ्टी 100 में 0.93 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि निफ्टी 200 में 0.83 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। निफ्टी 500 सूचकांक भी 0.79 प्रतिशत गिरा, जिससे कुल मिलाकर बाजार पर दबाव स्पष्ट दिखा। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी बिकवाली का माहौल रहा। निफ्टी मिडकैप 50 में 0.71 प्रतिशत की गिरावट रही, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 50 दोनों में 0.6 प्रतिशत की कमी आई।
बढ़ी अस्थिरता
बाजार की अस्थिरता को मापने वाला इंडिया वीआईएक्स सूचकांक 1.58 प्रतिशत बढ़कर लगभग 20 के स्तर पर पहुंच गया, जो निवेशकों की बढ़ती चिंता को दर्शाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, ईरान से जुड़े संघर्षविराम वार्ता को लेकर अनिश्चितता और Strait of Hormuz में जारी बाधाओं के कारण वैश्विक स्तर पर तनाव बढ़ा है। इसका सीधा असर बाजार की धारणा पर पड़ा है। इसके अलावा, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, रुपये की कमजोरी और बड़े निवेशकों की बिकवाली ने जोखिम से बचने के माहौल को मजबूत किया है।
Nifty के तकनीकी स्तर
विशेषज्ञों का कहना है कि Nifty को 24,300 के स्तर के आसपास मजबूत अवरोध का सामना करना पड़ रहा है, जो पहले समर्थन का काम करता था। अब 24,300 से 24,400 का दायरा ऊपर की ओर बढ़त को सीमित कर रहा है। नीचे की ओर 24,100 से 24,000 का स्तर तत्काल समर्थन के रूप में देखा जा रहा है। यदि यह स्तर टूटता है, तो गिरावट तेज होकर 23,800 तक जा सकती है। मुद्रा बाजार में भी दबाव देखने को मिला, जहां रुपया 94 के स्तर के पार कमजोर हो गया। मजबूत डॉलर की मांग और सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुझान ने रुपये पर दबाव डाला। वैश्विक संकेत भी कमजोर रहे। Brent crude की कीमत लगभग 4 प्रतिशत बढ़कर 105.86 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई, जो आपूर्ति संबंधी चिंताओं को दर्शाता है।

