New Delhi,
देश के आईटी सेक्टर में चल रहे विवाद के बीच इन्फोसिस ने पुणे स्थित अपने बिजनेस प्रोसेस प्रबंधन केंद्र पर लगे कार्यस्थल उत्पीड़न के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। कंपनी ने सोशल मीडिया पर फैल रही खबरों को भ्रामक बताते हुए स्पष्ट किया कि वह इस तरह के मामलों में सख्त नीति अपनाती है। यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब महाराष्ट्र के नासिक में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज से जुड़े कार्यस्थल उत्पीड़न के आरोपों की जांच पहले से ही चर्चा में है। इस पूरे घटनाक्रम के चलते राज्य के आईटी सेक्टर पर निगरानी और जांच का दबाव बढ़ गया है।
सोशल मीडिया पोस्ट से शुरू हुआ विवाद
पुणे केंद्र को लेकर विवाद तब शुरू हुआ जब सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कुछ पोस्ट में महिला कर्मचारियों के साथ अनुचित व्यवहार के आरोप लगाए गए। हालांकि, बाद में ये पोस्ट हटा दिए गए। राज्य सरकार ने भी इन आरोपों पर संज्ञान लेने की बात कही है। इन्फोसिस ने अपने बयान में कहा कि कंपनी कार्यस्थल पर किसी भी प्रकार के उत्पीड़न या भेदभाव के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति पर काम करती है। कंपनी के अनुसार, किसी भी शिकायत को गंभीरता से लिया जाता है और उसकी जांच स्वतंत्र समिति द्वारा की जाती है। कंपनी ने यह भी बताया कि कर्मचारियों को अपनी शिकायतें सामने रखने के लिए कई माध्यम उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि वे बिना किसी डर के अपनी बात रख सकें। इसके साथ ही आंतरिक प्रक्रिया और रोकथाम तंत्र को भी सक्रिय कर दिया गया है।
नासिक मामले की पृष्ठभूमि में बढ़ी गंभीरता
यह घटनाक्रम नासिक में चल रहे मामले के बीच सामने आया है, जहां वर्ष 2022 से 2026 के बीच कई महिला कर्मचारियों ने वरिष्ठ अधिकारियों पर उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। इन आरोपों में यौन उत्पीड़न, पीछा करना, अनुचित स्पर्श, आपत्तिजनक टिप्पणियां और मानसिक उत्पीड़न जैसी गंभीर बातें शामिल हैं। इसके अलावा, कुछ शिकायतों में धार्मिक दबाव और धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर करने जैसे आरोप भी सामने आए हैं, जिससे मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है। जांच एजेंसियों ने अब तक 40 से अधिक सीसीटीवी फुटेज की जांच की है और शिकायतकर्ताओं तथा आरोपितों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस ने इस मामले में महिला कर्मियों की मदद से गुप्त जांच भी की है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की गहराई से जांच की जा रही है और किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों को परखा जाएगा।
आंतरिक जांच और एहतियाती कदम
इस बीच, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के अधिकारियों ने नासिक कार्यालय का औचक निरीक्षण किया है। कंपनी ने इस मामले की जांच के लिए विशेष समिति का गठन किया है, जो शिकायतों की समीक्षा कर रही है। सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान कई नई शिकायतें सामने आई हैं, जिससे मामले का दायरा बढ़ गया है। एहतियात के तौर पर कंपनी ने नासिक केंद्र के लगभग 120 कर्मचारियों को घर से काम करने के निर्देश दिए हैं। राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी इस मामले में तथ्य खोजने के लिए एक समिति का गठन किया है। यह समिति 10 कार्य दिवसों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। आयोग का उद्देश्य महिला कर्मचारियों की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करना है।

