Tuesday, August 18, 2026 |
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Axis Mutual Fund ने पेश किया Axis Nifty India Defence Index Fund

by Business Remedies
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Axis Mutual Fund

 

(एक ओपन एंडेड या खुली अवधि का इंडेक्‍स फंड जोकि निफ्टी इंडिया डिफेंस टीआरआई को ट्रैक करता है)

फंड की मुख्य विशेषताएँ:
• प्रकार: निफ्टी इंडिया डिफेंस टीआरआई को ट्रैक करने वाला ओपन एंडेड इंडेक्स फंड
• बेंचमार्क: निफ्टी इंडिया डिफेंस टीआरआई
• न्यू फंड ऑफर (एनएफओ) की अवधि: 10 अप्रैल 2026 से 24 अप्रैल 2026 तक
• फंड मैनेजर: नंदिक मलिक और रोहित गौतम
• न्यूनतम आवेदन राशि: 100 रुपये और उसके बाद 1 रुपये के गुणकों में
• एग्जिट लोड: आवंटन की तारीख से 15 दिनों के अंदर रिडीम/स्विच आउट करने पर: 0.25%। आवंटन की तारीख से 15 दिनों के बाद रिडीम/स्विच आउट करने पर: शून्य

इस फंड का मकसद भारत के रक्षा क्षेत्र में मौजूदा विकास के अवसरों का लाभ उठाना है

 

मुंबई, 09 अप्रैल 2026: भारत की प्रमुख एसेट मैनेजमेंट कंपनियों में से एक, ऐक्सिस म्‍यूचुअल फंड ने अपना नया फंड – ऐक्सिस निफ्टी इंडिया डिफेंस इंडेक्‍स फंड लॉन्च किया है। यह एक खुली अवधि का इंडेक्स फंड है जो निफ्टी इंडिया डिफेंस टीआरआई के घटकों में निवेश करता है। यह एनएफओ सब्सक्रिप्शन के लिए 10 अप्रैल 2026 को खुलेगा और 24 अप्रैल 2026 को बंद होगा। ऐक्सिस निफ्टी इंडिया डिफेंस इंडेक्‍स फंड का उद्देश्य व्यय से पहले ऐसे रिटर्न देना है जो ट्रैकिंग एरर के अधीननिफ्टी इंडिया डिफेंस टोटल रिटर्न इंडेक्‍स (टीआरआई) के प्रदर्शन के बहुत करीब हों।

 

यह फंड निवेशकों के लिए एक सस्ता, आसान और पारदर्शी तरीका है। इसके जरिए वे रक्षा क्षेत्र में हो रहे बड़े बदलावों जैसे कि दुनिया भर में रक्षा पर बढ़ता खर्च, भारत में सेना का आधुनिकीकरण और सरकार द्वारा मेक इन इंडिया व निर्यात को बढ़ावा देने की नीतियों का फायदा उठा सकते हैं। यह उन लोगों के लिए बेहतरीन मौका है जो इस क्षेत्र में लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं।

 

रक्षा क्षेत्र क्यों?

पूरी दुनिया में रक्षा (डिफेंस) पर होने वाला खर्च लगातार बढ़ रहा है और 2024 में यह 2.7 ट्रिलियन डॉलर के पार पहुँच गया है। देशों के बीच बढ़ते तनाव, आपसी झगड़ों और बदलती वैश्विक व्यवस्था की वजह से अब अमीर और विकासशील दोनों तरह के देश अपनी सेनाओं को मजबूत करने के लिए भारी निवेश कर रहे हैं। भारत भी इस बदलाव में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहा है। सरकार सेना को आधुनिक बनाने के लिए बजट बढ़ा रही है, प्राइवेट कंपनियों को बढ़ावा दे रही है, विदेशी निवेश के नियम आसान कर रही है और देश में बने रक्षा उपकरणों को दूसरे देशों को निर्यात पर ज़ोर दे रही है।

 

भारत का रक्षा बजट वित्त वर्ष 2014 से अब तक लगभग 2.7 गुना बढ़ गया है, जो वित्त वर्ष 2026 में करीब 6.8 लाख करोड़ रुपये तक पहुँच गया है। यह रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के प्रति सरकार की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है। साथ ही, पिछले पांच वर्षों में घरेलू रक्षा उत्पादन लगभग दोगुना हो गया है, जिसे 2029 तक फिर से दोगुना करने का आधिकारिक लक्ष्य रखा गया है। रक्षा निर्यात भी तेजी से बढ़ा है, जो वित्त वर्ष 2017 के 2,000 करोड़ रुपये से कम से बढ़कर वित्त वर्ष 2025 में 23,000 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। यह भारतीय रक्षा प्लेटफार्मों और प्रणालियों की बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता को दर्शाता है।

 

ऐक्सिस निफ्टी इंडिया डिफेंस इंडेक्स फंड

ऐक्सिस निफ्टी इंडिया डिफेंस इंडेक्स फंड अपने अंतर्निहित इंडेक्स (इंडेक्स का अनुसरण करते हुए) के माध्यम से उन चुनिंदा कंपनियों पर ध्यान केंद्रित करता है, जिनकी आय का एक बड़ा हिस्सा रक्षा से जुड़ी गतिविधियों से आता है। इस इंडेक्स में एयरोस्पेस और रक्षा उपकरण, जहाज निर्माण, विस्फोटक और संबंधित सेवाओं में लगी कंपनियों को शामिल किया गया है। इन कंपनियों का चयन निर्धारित पात्रता मानदंडों के आधार पर किया जाता है और उनके फ्री-फ्लोट मार्केट कैपिटलाइजेशन के अनुसार उन्हें वेटेज दिया जाता है। अनुशासन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए इंडेक्स को हर छह महीने में पुनर्गठित किया जाता है।

 

इस फंड के लॉन्च पर, ऐक्सिस एएमसी के एमडी और सीईओ, बी. गोपकुमार ने कहा, “भारत का रक्षा क्षेत्र एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है, जिसे बढ़ते बजट, मजबूत नीतिगत इरादे और निर्यात के बढ़ते अवसरों का समर्थन प्राप्त है। ऐक्सिस निफ्टी इंडिया डिफेंस इंडेक्स फंड के जरिए हम निवेशकों को इस संरचनात्मक विकास में भाग लेने के लिए एक कम लागत वाला और नियम-आधारित तरीका प्रदान कर रहे हैं। यह फंड उन निवेशकों के लिए उपयुक्त है जो लंबी अवधि का नजरिया रखते हैं और अपने पोर्टफोलियो को भारत की रणनीतिक और विनिर्माण प्राथमिकताओं के साथ जोड़ना चाहते हैं।”

 

फंड की मुख्य विशेषताएँ:

भारत का रक्षा क्षेत्र एक संरचनात्मक उछाल देख रहा है, जो घरेलू रक्षा व्यय में वृद्धि, आत्मनिर्भर भारत के तहत मजबूत नीति प्रोत्साहन और कम आधार से तेजी से बढ़ते रक्षा निर्यातों से प्रेरित है। बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था की ओर वैश्विक बदलाव भी निरंतर रक्षा व्यय को समर्थन दे रहा है, जिससे भारतीय रक्षा कंपनियों के लिए दीर्घकालिक अवसर पैदा हो रहे हैं। हाल में हुए बाजार सुधारों ने वैल्‍यूएंशस को अपेक्षाकृत अधिक आकर्षक बना दिया है।

 

 

यह फंड नंदिक मलिक और रोहित गौतम द्वारा प्रबंधित किया जाएगा। यह एक पैसिव इन्वेस्टमेंट अप्रोच का पालन करता है, जिसमें फंड मैनेजर के व्‍यक्तिगत पक्षपात को पूरी तरह समाप्त कर दिया जाता है। साथ ही यह प्रमुख रक्षा पर केंद्रित कंपनियों में विविधीकरण भी प्रदान करता है।

 

क्‍योंकि यह एक थीमैटिक सेक्टर है, इसलिए निवेशकों को अल्प से मध्यम अवधि में अपेक्षाकृत अधिक उतार-चढ़ाव की उम्मीद रखनी चाहिए। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे इस फंड को लंबी अवधि के आवंटन के रूप में देखें और इसमें सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) के माध्यम से निवेश करें।



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