New Delhi,
वैश्विक ब्रोकरेज कंपनी Jefferies ने अपने प्रमुख निवेश पोर्टफोलियो में बड़ा बदलाव करते हुए HDFC Bank को बाहर कर दिया है। इस फैसले के बाद बैंक के शेयरों में गिरावट देखने को मिली और stock market update के दौरान यह लगभग 3 प्रतिशत तक नीचे आ गया। Jefferies ने अपनी “Greed & Fear” रिपोर्ट में बताया कि उसने एशिया (जापान को छोड़कर), वैश्विक और अंतरराष्ट्रीय इक्विटी पोर्टफोलियो से HDFC Bank को हटा दिया है। हालांकि, इस फैसले के पीछे कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया है। कंपनी ने इसकी जगह HSBC को शामिल किया है और उसे करीब 4 प्रतिशत का वेटेज दिया गया है। इस बदलाव से भारत की कुल हिस्सेदारी में हल्की कमी आई है।
एशिया-प्रशांत निवेश में भी बदलाव
ब्रोकरेज ने एशिया-प्रशांत (जापान को छोड़कर) पोर्टफोलियो में भी बदलाव किए हैं। इसमें भारत और ऑस्ट्रेलिया में निवेश को 2-2 प्रतिशत घटाया गया है, जबकि ताइवान में निवेश 4 प्रतिशत बढ़ाया गया है। फिलहाल इस पोर्टफोलियो में भारत की हिस्सेदारी करीब 13 प्रतिशत है, जो एमएससीआई बेंचमार्क से थोड़ी अधिक है। यह पूरा घटनाक्रम 18 March को सामने आई उस जानकारी के बाद हुआ, जिसमें बैंक के अंशकालिक अध्यक्ष Atanu Chakraborty ने इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने अपने इस्तीफे में “मूल्यों और नैतिकता” से जुड़े मतभेदों का उल्लेख किया था। इसके बाद बैंक ने Keki Mistry को अंतरिम अंशकालिक अध्यक्ष नियुक्त किया।
निवेशकों की भावना पर असर की आशंका
विश्लेषकों का मानना है कि इस घटनाक्रम से निवेशकों की धारणा प्रभावित हो सकती है। Anuj Singla के अनुसार, किसी प्रकार की गड़बड़ी का स्पष्ट आरोप नहीं है, लेकिन इस स्थिति से निवेशकों का भरोसा कमजोर हो सकता है और शेयर पर अतिरिक्त जोखिम का दबाव बन सकता है। सूत्रों के अनुसार, Reserve Bank of India भी इस इस्तीफे से जुड़े पहलुओं की जांच कर सकता है।
शेयर बाजार में गिरावट
stock market update के दौरान बीएसई में HDFC Bank का शेयर लगभग 3 प्रतिशत गिरकर 758 रुपये तक पहुंच गया। पिछले एक महीने में इस बैंकिंग शेयर में करीब 14 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। यह गिरावट ऐसे समय में आई है जब निवेशकों में अनिश्चितता बनी हुई है और बैंक के प्रबंधन से जुड़े मुद्दों पर बाजार की नजर बनी हुई है।

