New Delhi,
वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में मंगलवार को तेज बढ़त देखने को मिली, जहां शुरुआती कारोबार में कीमतें 4 प्रतिशत से अधिक उछल गईं। यह तेजी ऐसे समय आई जब यूएस के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के energy infrastructure पर प्रस्तावित हमलों को फिलहाल रोक दिया है, लेकिन इसके बावजूद बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है।
कीमतों में मजबूत बढ़त दर्ज
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत लगभग 104 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई, जो करीब 4 प्रतिशत की बढ़त दर्शाती है। वहीं, यूएस वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) की कीमत 4.39 प्रतिशत बढ़कर 92 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई (सुबह 9:30 बजे तक)। 2 मार्च से 23 मार्च के बीच कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखा गया। इस दौरान ब्रेंट क्रूड 23.38 प्रतिशत बढ़कर 77.74 डॉलर से 95.92 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। वहीं, डब्ल्यूटीआई वायदा भी 25.60 प्रतिशत की बढ़त के साथ 71.23 डॉलर से 89.47 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया।
पिछली गिरावट के बाद तेजी की वापसी
इससे पहले पिछले सत्र में कच्चे तेल की कीमतों में 10 प्रतिशत से अधिक की तेज गिरावट आई थी। यह गिरावट उस समय देखी गई जब ट्रंप ने ईरान पर हमलों को पांच दिन के लिए टालने की घोषणा की थी और ईरानी अधिकारियों के साथ बातचीत में प्रगति के संकेत मिले थे। हालांकि, बाजार की धारणा फिर बदल गई जब ईरान ने किसी भी तरह की बातचीत से इनकार कर दिया। ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद-बाघेर ग़ालिबाफ ने स्पष्ट कहा कि यूएस के साथ कोई बातचीत नहीं हुई है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच X पर बयान देते हुए कहा कि “फर्जी खबरों का उपयोग वित्तीय और तेल बाजार को प्रभावित करने के लिए किया जा रहा है।” इस बयान के बाद बाजार में फिर से अस्थिरता बढ़ गई और कीमतों में तेजी आ गई। स्थिति को और गंभीर बनाते हुए रिपोर्ट्स में बताया गया कि दो energy facilities पर हवाई हमले हुए हैं। इससे क्षेत्र में तनाव बढ़ने की आशंका और गहरा गई है और जल्द राहत की उम्मीद कमजोर पड़ी है। इसके अलावा, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर भी चिंता बनी हुई है, जो वैश्विक तेल और एलएनजी आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरने का प्रमुख मार्ग है। यहां किसी भी बाधा से वैश्विक supply प्रभावित हो सकती है।
आने वाले समय के लिए कीमतों का अनुमान बढ़ा
गोल्डमैन सैक्स के विश्लेषकों ने वर्ष 2026 के लिए तेल कीमतों के अपने अनुमान को बढ़ा दिया है। अब ब्रेंट क्रूड की औसत कीमत 85 डॉलर प्रति बैरल रहने का अनुमान है, जो पहले के 77 डॉलर के अनुमान से 10.38 प्रतिशत अधिक है। इसी तरह, डब्ल्यूटीआई की कीमत 79 डॉलर प्रति बैरल रहने का अनुमान है, जो पहले के 72 डॉलर के अनुमान से 9.72 प्रतिशत अधिक है। तेल कीमतों में इस तेजी का असर वैश्विक शेयर बाजारों पर भी देखने को मिल सकता है। आने वाले समय में निवेशकों की नजर geopolitical स्थिति और supply से जुड़े घटनाक्रम पर बनी रहेगी।

