Monday, June 29, 2026 |
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भारत-यूरोपीय संघ सहयोग से टिकाऊ परिवहन प्रणाली को मिलेगा बढ़ावा

by Business Remedies
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India and the European Union hold a discussion meeting on electric vehicle charging

नई दिल्ली,

भारत और यूरोपीय संघ के बीच टिकाऊ और आधुनिक परिवहन प्रणाली को विकसित करने के लिए सहयोग को और मजबूत किया जा रहा है। नीति निर्धारकों और उद्योग विशेषज्ञों ने कहा है कि अनुसंधान, नवाचार, मानक और परीक्षण के क्षेत्र में गहरा सहयोग इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। भारत और यूरोपीय संघ के बीच रणनीतिक साझेदारी भारत-यूरोपीय संघ व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद के तहत लगातार मजबूत हो रही है। विशेष रूप से हरित और स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों में बढ़ता सहयोग टिकाऊ परिवहन, मजबूत नवाचार तंत्र और भविष्य के औद्योगिक साझेदारी को आगे बढ़ाने में सहायक बन रहा है।

इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग पर कार्यशाला का आयोजन

इस दिशा में 15 से 17 March के बीच इटली के इस्प्रा स्थित संयुक्त अनुसंधान केंद्र में दूसरी भारत-यूरोपीय संघ कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला का मुख्य विषय इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग प्रौद्योगिकी रहा। इसका आयोजन भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय और यूरोपीय आयोग के अनुसंधान एवं नवाचार महानिदेशालय द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। इसमें संयुक्त अनुसंधान केंद्र, भारत की ऑटोमोटिव अनुसंधान संस्था और भारत में यूरोपीय संघ प्रतिनिधिमंडल ने भी सहयोग किया।

तकनीकी और नीति स्तर पर विस्तृत चर्चा

कार्यशाला में भारत और यूरोपीय संघ के नीति निर्माता, तकनीकी विशेषज्ञ, मानक निर्धारण संस्थाएं, परीक्षण और अनुसंधान संस्थान तथा उद्योग प्रतिनिधि शामिल हुए। उन्होंने एक समान, आपस में जुड़ी और भविष्य के लिए तैयार चार्जिंग प्रणाली विकसित करने के विभिन्न उपायों पर चर्चा की। कार्यक्रम के दौरान नीति और मानकों से जुड़े अद्यतन, उद्योग के दृष्टिकोण, तथा मेगावाट चार्जिंग प्रणाली, वाहन से विद्युत ग्रिड जुड़ाव, द्विदिश चार्जिंग और वायरलेस ऊर्जा हस्तांतरण जैसे विषयों पर तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। साथ ही प्रतिभागियों ने उन्नत परीक्षण सुविधाओं का भी निरीक्षण किया। प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय की वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉक्टर राकेश कौर ने कहा कि स्वच्छ परिवहन के लिए विश्वसनीय और एकीकृत चार्जिंग प्रणाली विकसित करने में भारत-यूरोपीय संघ सहयोग अत्यंत आवश्यक है। यूरोपीय आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी अनुसंधान, नवाचार, मानक और परीक्षण में गहरे सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि टिकाऊ और जुड़ी हुई परिवहन प्रणाली का विकास सुनिश्चित किया जा सके।



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