बिजनेस रेमेडीज/Bengaluru, March 2026। भारत की तेजी से उभरती रिसर्च-ड्रिवन इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल कंपनी Oben Electric ने बताया कि उसके ग्राहकों ने देशभर में मिलकर 3.2 करोड़ किलोमीटर से अधिक दूरी तय की है। कंपनी के अनुसार, राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार के मात्र दो वर्षों के भीतर यह उपलब्धि इस बात का संकेत है कि ओबेन की मोटरसाइकिलें अब रोजाना के सफर का प्रमुख साधन बनती जा रही हैं।
साल 2024 की शुरुआत से विभिन्न शहरों के आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि Oben Rorr पोर्टफोलियो—जिसमें Rorr, Rorr EZ और Rorr EZ Sigma शामिल हैं—का उपयोग अलग-अलग ट्रैफिक, सड़क और मौसम की परिस्थितियों में लगातार किया जा रहा है। इससे यह स्पष्ट होता है कि ग्राहक इन मोटरसाइकिलों पर रोजमर्रा के आवागमन, ऑफिस यात्रा और शहर के भीतर की जरूरतों के लिए भरोसा कर रहे हैं।
वर्तमान में Oben Electric 85 से अधिक शहरों में अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुका है। विशेष रूप से कर्नाटक, उत्तर प्रदेश और Delhi जैसे क्षेत्रों में इनका उपयोग अधिक देखा गया है, जो इसके बढ़ते स्वीकार्यता का संकेत है। कंपनी के अनुसार, इन इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिलों के उपयोग से ग्राहकों ने न केवल सुविधा पाई है, बल्कि आर्थिक और पर्यावरणीय लाभ भी हासिल किए हैं। अब तक करीब ₹8 करोड़ के पेट्रोल खर्च की बचत हुई है और लगभग 385 मीट्रिक टन CO₂ उत्सर्जन में कमी दर्ज की गई है। ग्राहकों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए कंपनी ने ‘Oben Care’ नाम से आफ्टर-सेल्स सर्विस नेटवर्क भी शुरू किया है, जिसमें देशभर में सर्विस सुविधाओं का विस्तार, प्रशिक्षित तकनीशियन और 24×7 कस्टमर सपोर्ट शामिल है।
इस उपलब्धि पर Madhumita Agrawal, Founder एवं CEO, Oben Electric ने कहा,
“रोजाना के सफर के लिए भरोसेमंद और टिकाऊ वाहन बेहद जरूरी होते हैं। 3.2 करोड़ किलोमीटर से अधिक की दूरी तय होना इस बात का प्रमाण है कि लोग हमारी मोटरसाइकिलों को अपनी दैनिक जीवन का हिस्सा बना रहे हैं।”
कंपनी की वृद्धि भी तेजी से जारी है। वर्ष 2025 में Oben Electric ने 376% की साल-दर-साल वृद्धि दर्ज की है और अगले दो वर्षों में पूरे भारत में 500 शोरूम खोलने की योजना बनाई है। इस तेज विकास के पीछे कंपनी का मजबूत मैन्युफैक्चरिंग मॉडल है। ओबेन अपने प्रमुख EV कंपोनेंट्स—जैसे LFP बैटरी, मोटर, कंट्रोल यूनिट और फास्ट चार्जर—इन-हाउस डिजाइन और विकसित करता है। Bengaluru स्थित 3.5 एकड़ के प्लांट में ‘जीरो-डिफेक्ट’ सिस्टम के तहत 50 से अधिक क्वालिटी चेक किए जाते हैं, जिससे उत्पाद की गुणवत्ता और प्रदर्शन सुनिश्चित होता है। यह उपलब्धि भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के बढ़ते प्रभाव और उपभोक्ताओं के बदलते रुझान को भी दर्शाती है, जहां लोग अब टिकाऊ और किफायती परिवहन विकल्पों को तेजी से अपना रहे हैं|

