Saturday, July 18, 2026 |
Home Breaking Newsभारत का सालाना खाद्य निर्यात करीब 5 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचा: पीयूष गोयल

भारत का सालाना खाद्य निर्यात करीब 5 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचा: पीयूष गोयल

by Business Remedies
0 comments

नई दिल्ली (आईएएनएस)। Piyush Goyal ने खाद्य, कृषि और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र से जुड़े लोगों से भारत को कृषि और प्रोसेस्ड फूड का दुनिया का सबसे बड़ा निर्यातक बनाने की दिशा में मिलकर काम करने का आह्वान किया है।

राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित AAHAR – The International Food and Hospitality Fair के 40वें संस्करण के उद्घाटन के दौरान गोयल ने कहा कि भारत का खाद्य और कृषि उत्पादों का निर्यात, जिसमें कृषि उत्पाद और मत्स्य पालन शामिल हैं, अब सालाना करीब 5 लाख करोड़ रुपए (55 अरब डॉलर से अधिक) तक पहुंच गया है। इसके साथ ही भारत दुनिया का सातवां सबसे बड़ा कृषि उत्पाद निर्यातक बन गया है।

Image

उन्होंने बताया कि 2014 से 2025 के बीच पिछले 11 वर्षों में भारत के कृषि और खाद्य निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इस अवधि में प्रोसेस्ड फूड का निर्यात चार गुना, फल और दालों का निर्यात तीन गुना, प्रोसेस्ड सब्जियों का निर्यात चार गुना, कोको का निर्यात तीन गुना और अनाज का निर्यात दोगुना हो गया है।

इसके अलावा चावल के निर्यात में भी लगभग 62 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। गोयल ने कहा कि ये उपलब्धियां भारत को कृषि और प्रोसेस्ड फूड निर्यात में दुनिया में शीर्ष स्थान हासिल करने की दिशा में प्रेरित करती हैं। उन्होंने कहा कि यह लक्ष्य पूरी तरह हासिल किया जा सकता है और यह Narendra Modi के उस विजन के अनुरूप है, जिसमें भारत को “दुनिया की फूड बास्केट” बनाने की बात कही गई है।

मंत्री ने बताया कि पिछले साढ़े तीन वर्षों में भारत ने नौ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) किए हैं, जिनसे 38 विकसित और समृद्ध देशों के बाजारों तक पहुंच मिली है। इससे भारतीय निर्यातकों के लिए बड़े अवसर खुले हैं। उन्होंने कहा कि आज भारत को वैश्विक व्यापार के लगभग दो-तिहाई हिस्से तक प्राथमिक बाजार पहुंच प्राप्त है, जिससे देश एक आकर्षक निवेश गंतव्य बन रहा है और भारतीय कंपनियां वैश्विक वैल्यू चेन से जुड़ रही हैं।

Imageगोयल ने कहा कि FTA वार्ता के दौरान सरकार ने किसानों, मछुआरों और MSME सेक्टर के हितों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि डेयरी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में विदेशी उत्पादकों को कोई रियायत नहीं दी गई है। इसी तरह जीन संशोधित (GM) उत्पादों को भी शुल्क में छूट या बाजार तक पहुंच नहीं दी गई है।

उन्होंने बताया कि चावल, गेहूं, मक्का, सोया मील और कई तरह की दालों जैसे प्रमुख कृषि उत्पादों को भी व्यापार समझौतों में सुरक्षित रखा गया है। वहीं चीनी क्षेत्र में भी सामान्यतः कोई रियायत नहीं दी गई है, ताकि विदेशी आयात से भारतीय गन्ना किसानों और घरेलू उत्पादकों को नुकसान न हो।

मंत्री ने कहा कि इन कदमों से एक ओर भारत की घरेलू ताकत सुरक्षित रहती है, वहीं दूसरी ओर भारतीय उत्पादों के लिए नए वैश्विक अवसर भी बनते हैं। उन्होंने उद्योग और व्यापार से जुड़े लोगों से अपील की कि वे लोगों को यह समझाएं कि भारत के FTA देश के हितों की रक्षा करते हुए अंतरराष्ट्रीय व्यापार को बढ़ाने में मदद करते हैं।

गोयल ने किसानों और उद्यमियों से ₹1 लाख करोड़ के Agriculture Infrastructure Fund का लाभ उठाने और फूड प्रोसेसिंग तथा वैल्यू एडिशन पर अधिक ध्यान देने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि इससे किसानों को वैश्विक बाजार में बेहतर कीमत वाले उत्पाद बेचने का अवसर मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

उन्होंने यह भी बताया कि इस बार आहार प्रदर्शनी में पहली बार इटली को पार्टनर देश बनाया गया है। साथ ही उन्होंने घोषणा की कि 13 मार्च और शनिवार को यह प्रदर्शनी आम जनता के लिए भी खुली रहेगी, ताकि खासकर युवा भारत और दुनिया के फूड, बेवरेज और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की ताकत को करीब से देख सकें।



You may also like

Leave a Comment